Sanskrit Students Death Vrindavan: चैतन्य बिहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में मंगलवार रात हुए दर्दनाक हादसे के बाद गुरुकुल परिसर से लेकर छात्रों के परिवारों तक मातम और दहशत का माहौल है। परिसर में बने करीब 12 फीट गहरे पानी के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के असर से चार संस्कृत छात्रों की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य छात्र भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई।
जानकारी के मुताबिक, गुरुकुल परिसर में बने टैंक से बदबू आने के बाद उसकी सफाई कराने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान एक छात्र टैंक के अंदर सफाई के लिए उतरा। बताया जा रहा है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस के कारण छात्र अचानक बेहोश होकर गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर अन्य छात्र भी टैंक के अंदर उतरते चले गए। देखते ही देखते चार अन्य छात्र भी गैस की चपेट में आकर अचेत हो गए।
एक साथ कई छात्रों के टैंक में फंसने की जानकारी मिलते ही गुरुकुल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान चलाकर छात्रों को टैंक से बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया। एक छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
हादसे की सूचना मिलते ही मृत छात्रों के परिवारों में कोहराम मच गया। बुधवार को बड़ी संख्या में परिजन गुरुकुल पहुंचे। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित परिजनों ने हादसे के बाद गुरुकुल में रह रहे अपने बच्चों को वापस घर ले जाना शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि बच्चों को संस्कृत शिक्षा के लिए गुरुकुल भेजा था, लेकिन इस तरह की घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है।
हादसे के बाद गुरुकुल की सुरक्षा व्यवस्था और टैंक की सफाई के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर टैंक के अंदर जहरीली गैस कैसे बनी, बिना सुरक्षा उपकरणों के छात्रों को अंदर क्यों जाने दिया गया और सफाई के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे, पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। टैंक में मौजूद गैस और घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
इस दर्दनाक घटना ने गुरुकुल में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया, जबकि अन्य छात्र और उनके परिजन अब भी इस हादसे के सदमे से बाहर नहीं निकल पाए हैं।