बांके बिहारी मंदिर (सोर्स: सोशल मीडिया)
मथुरा

श्रद्धा के नाम पर वसूली का आरोप! बांके बिहारी मंदिर के नाम से कार्तिक दीपदान महोत्सव का पोस्टर वायरल

Mathura Kartik Deepdan: वायरल पोस्टर में ‘कार्तिक मास दीपदान महोत्सव’ का उल्लेख करते हुए भगवान के चित्र के साथ दीपदान और पूजा का प्रचार किया गया। साथ ही संपर्क करने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया है।

मोहन श्याम शर्मा, नमिता प्रजापति

Highlights:

  • वृंदावन में मंदिर के नाम का इस्तेमाल कर धनराशि जुटाने का आरोप

  • अधिवक्ता ने हाईपावर कमेटी के सचिव व जिलाधिकारी से की शिकायत

  • संबंधित व्यक्ति की भूमिका और लेनदेन की जांच की मांग

Mathura Banke Bihari Temple: विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर के नाम का इस्तेमाल कर कार्तिक मास दीपदान महोत्सव के नाम पर श्रद्धालुओं से धनराशि मांगे जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर वायरल हो रहे एक पोस्टर के बाद मंदिर से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं के बीच इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। शिकायतकर्ताओं ने आयोजन के नाम पर धनराशि जुटाने वाले व्यक्ति की मंदिर से संबद्धता और उसकी अधिकृत स्थिति की जांच कराने की मांग की है। मामले में मंदिर के एक सेवायत और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने हाईपावर कमेटी के सचिव एवं जिलाधिकारी से शिकायत की है।

पोस्टर पर भगवान का चित्र, मोबाइल नंबर और क्यूआर कोड

वायरल पोस्टर में ‘कार्तिक मास दीपदान महोत्सव’ का उल्लेख करते हुए भगवान के चित्र के साथ दीपदान और पूजा का प्रचार किया गया है। पोस्टर पर श्रद्धालुओं से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर और क्यूआर कोड भी दिया गया है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इसके माध्यम से धार्मिक आयोजन के नाम पर श्रद्धालुओं से धनराशि एकत्र की जा रही है। पोस्टर पर अजीत नाम भी दिखाई दे रहा है।

इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति को ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर के नाम का इस्तेमाल कर इस प्रकार का आयोजन प्रचारित करने और धनराशि जुटाने की आधिकारिक अनुमति प्राप्त है या नहीं। शिकायतकर्ता ने इसी बिंदु पर स्पष्ट जांच कराने की मांग की है।

हाईपावर कमेटी के सचिव और डीएम से शिकायत

मामले को लेकर मंदिर के एक सेवायत और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने हाईपावर कमेटी के सचिव एवं जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में संबंधित व्यक्ति का मंदिर से वास्तविक संबंध पता लगाने और कार्तिक दीपदान महोत्सव के नाम पर धनराशि जुटाने की प्रक्रिया की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि पता लगाया जाए कि श्रद्धालुओं से कितनी धनराशि मांगी जा रही है और यदि कोई रकम प्राप्त हुई है, तो उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके साथ ही धनराशि के लेनदेन की पड़ताल कर किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।

श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला

कार्तिक मास में वृंदावन में दीपदान का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने पहुंचते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। ऐसे में मंदिर के नाम से प्रचारित किसी आयोजन के लिए धनराशि मांगे जाने से श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतिष्ठित मंदिर के नाम का इस्तेमाल कर धनराशि जुटाने के मामले में पारदर्शिता आवश्यक है। मंदिर की प्रतिष्ठा और श्रद्धालुओं के विश्वास को ध्यान में रखते हुए संबंधित व्यक्ति की अधिकृत स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल, वायरल पोस्टर और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को मंदिर प्रशासन की ओर से आयोजन के लिए कोई अनुमति दी गई है या नहीं। धनराशि मांगे जाने और उसके संभावित लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि भी जांच के बाद ही हो सकेगी।

अब मामले में संबंधित अधिकारियों की जांच और संभावित कार्रवाई पर सबकी नजर है।

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