Highlights
गांव-गांव मुनादी और चौपाल लगाकर चलेगा जागरूक अभियान
आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी जोर
राशन की 40 नई दुकानों के निर्माण में से 22 का काम पूरा
शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने के भी निर्देश
Mathura DM Chandra Prakash Singh: जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पराली जलाने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने, जुर्माना लगाने और उसकी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने गांव-गांव मुनादी कराने और चौपाल लगाकर किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में पराली प्रबंधन, विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, फैमिली आईडी, आईजीआरएस, गौशालाओं तथा विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों और सभी खंड विकास अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पराली प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसलिए किसानों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं संसाधनों का इस्तेमाल सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निगरानी रखने और शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में मुनादी कराने के साथ बैठकें और चौपाल आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जाए। पराली जलाने की घटनाएं सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जुर्माने की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में गौशालाओं के लिए भूसे की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को किसानों से भूसा दान कराने और आवश्यकता के अनुसार भूसा क्रय करने के निर्देश दिए, ताकि गोवंश के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे।
विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने लंबित आवासों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया। स्वयं सहायता समूहों की समीक्षा करते हुए महिलाओं को समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में राशन की नई दुकानों के निर्माण की स्थिति की समीक्षा के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि कुल 40 दुकानों का निर्माण कराया जाना था, जिनमें से 22 दुकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष दुकानों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय में पूरा कराने को कहा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, पंचायती राज विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य लंबित देयकों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने को कहा।
आईजीआरएस के तहत प्राप्त जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान किया जाए। इसके लिए समयबद्ध कार्रवाई, भौतिक सत्यापन और आवश्यकतानुसार शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार उपाध्याय, उपायुक्त मनरेगा विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।