खाद्य विभाग ने पूरा पनीर नष्ट कराया
जांच के लिए पनीर के दो नमूने लैब भेजे गए
रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
2500 kg Adulterated Paneer Destroyed: त्योहारी सीजन में मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 6 नवंबर की देर रात मथुरा खाद्य विभाग की टीम ने राजस्थान से मथुरा बिक्री के लिए लाया जा रहा करीब 2500 किलोग्राम संदिग्ध पनीर पकड़ा। पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने और कारोबार से संबंधित जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने पर खाद्य विभाग ने जनहित में पूरे पनीर को नष्ट करा दिया। नष्ट कराए गए पनीर की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी मथुरा के आदेशों के अनुपालन में सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. जतिन कुमार सिंह के नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई की। शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे राजस्थान के कमा क्षेत्र की ओर से आ रही बोलेरो पिकअप संख्या UP85CT4449 को एनएच-19 पर बाथेन गेट पुलिस चौकी के पास रोककर जांच की गई। यह स्थान थाना कोसीकलां और तहसील छाता क्षेत्र में स्थित है।
वाहन के निरीक्षण के दौरान उसमें भारी मात्रा में पनीर भरा मिला। पूछताछ में वाहन चालक सलीम पुत्र इस्माइल ने खाद्य अधिकारियों को बताया कि पनीर राजस्थान के कमा क्षेत्र में स्थित एक पनीर निर्माण डेयरी से बिक्री के लिए मथुरा लाया जा रहा था। वाहन में करीब 2500 किलोग्राम पनीर रखा हुआ था, जिसकी अनुमानित कीमत 5,05,000 रुपये बताई गई।
खाद्य विभाग की टीम ने पनीर के कारोबार से संबंधित क्रय-विक्रय और भंडारण के अभिलेख मांगे, लेकिन कारोबारी मौके पर जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद अधिकारियों ने पनीर की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए नियमानुसार कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर के दो नमूने संग्रहित किए और उन्हें जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया।
वहीं, पनीर को अस्वच्छकर, दूषित एवं संदिग्ध मानते हुए जनहित में त्वरित विनष्टीकरण की कार्रवाई की गई। खाद्य विभाग की टीम ने करीब 2500 किलो पनीर को नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित कारोबारकर्ता के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में खाद्य सचल दल के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश भारती, धर्मेंद्र सिंह और जितेंद्र सिंह शामिल रहे। आधी रात को हाईवे पर की गई इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों में हलचल मच गई है।
त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, मावा और अन्य दुग्ध उत्पादों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में संदिग्ध और अस्वच्छ खाद्य सामग्री पहुंचने से रोकना तथा आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।