विनोद तावड़े (सोर्स- सोशल मीडिया)
लखनऊ

इसलिए विनोद तावड़े को मिली यूपी मिशन-2027 की जिम्मेदारी, पहली परीक्षा में हो चुके हैं पास...

UP BJP Incharge 2027: 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। तावड़े को यूपी में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है।

राजेश कुमार मिश्र, स्निग्धा श्रीवास्तव

Vinod Tawde UP BJP Incharge 2027: "संगठन गढ़े चलो, विकसित भारत गढ़े चलो" के सिद्धांत के हिमायती और उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव कराने की सफलतापूर्वक ज़िम्मेदारी निभाने वाले विनोद तावड़े पर राष्ट्रीय नेतृत्व का विश्वास लगातार कायम है। और यही वजह है कि कई चुनावों में पार्टी की तरफ से मिली अहम् जिम्मेदारी को निभाने वाले विनोद तावड़े को पुनः राष्ट्रीय महामंत्री बनाये जाने के बाद 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

वह सरकार की योजनाओं, जैसे कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना, को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के काम की प्रभावी ढंग से देखरेख कर चुके हैं। और गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तराखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी की रणनीति और चुनावी गतिविधियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन भी कर चुके हैं।

पहले भी कुशलता का प्रदर्शन कर चुके हैं तावड़े

गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण उत्तर प्रदेश में आपसी खींचतान स्वाभाविक है। यूपी बीजेपी के संगठनात्मक चुनाव प्रभारी के रूप में निर्विवाद रूप से वह अपने संगठन की कुशलता का प्रदर्शन कर चुके हैं। ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के नजरिये से उनकी तैनाती अहम् मानी जा रही है।

टिकट बंटवारे से लेकर कार्यकर्ताओं को जागृत कर उनके बीच समन्वय स्थापित करना और सरकार की विकास योजनाओं को संगठन के माध्यम से जमीन तक पहुंचाना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य रहेगा। वह केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव प्रभारी भी थे, जिसमें पार्टी ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

पूर्ण निष्ठा और समर्पण के जाने जाते है विनोद तावड़े

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के "राष्ट्र प्रथम" एवं राष्ट्रीय एकता-अखंडता के संकल्प तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के "एकात्म मानववाद" और "अंत्योदय" के विचारों से प्रेरित विनोद तावड़े "विकसित भारत 2047" के निर्माण के लिए पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कम करने के लिए जाने जाते रहे हैं।

उनकी संगठन कुशलता का उदाहरण है कि "संगठन पर्व 2024" के तहत सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी के तौर पर, उन्होंने इस अभियान का नेतृत्व किया और यह सुनिश्चित किया कि भारतीय जनता पार्टी देश भर में सिर्फ़ 15 दिनों में 5 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य हासिल करे।

विनोद तावड़े

साथ ही उन्होंने "मन की बात", "हर घर तिरंगा यात्रा", "चंद्रयान मिशन" और "मेरी माटी मेरा देश" जैसे कई देशव्यापी अभियानों के राष्ट्रीय समन्वयक के तौर पर उन्होंने राष्ट्रवाद की भावना को हर घर तक पहुंचाने के प्रयासों का नेतृत्व किया।

पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए "ऑपरेशन गंगा" के तहत, उन्होंने यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में फँसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और उनके परिवारों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए।

राष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रभारी के तौर पर कर चुके है काम

इसके अलावा विनोद तावड़े की संगठन कुशलता की बात करें तो उन्होंने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के लिए चुनाव प्रभारी के तौर पर काम किया। उन्होंने अलग-अलग राज्यों में बैठकों का सफलतापूर्वक समन्वय किया और NDA गठबंधन के सहयोगियों तथा समर्थन करने वाली पार्टियों को एकजुट करके निर्णायक समर्थन हासिल करने में अहम भूमिका निभाई।

विनोद तावड़े

फिर 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के लिए चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई, जहां उन्होंने NDA गठबंधन के सहयोगियों और समर्थन करने वाली पार्टियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया।

विनोद तावड़े की रणनीतिक देखरेख में, NDA ने 2024 के लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया. इसी कामयाबी के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में NDA को ऐतिहासिक जीत दिलाने में मदद की।

लगातार पांच वर्षों तक BJP की कामयाबी में दिया अहम योगदान

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए ऑब्ज़र्वर के तौर पर भी वह काम कर चुके हैं। और शहर के नगर निगम चुनावों में लगातार पांच वर्षों तक BJP की कामयाबी में अहम योगदान दिया। साथ ही 2020 में हरियाणा का राज्य प्रभारी नियुक्त होने के बाद उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

2022 में बिहार की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने राज्य के राजनीतिक माहौल को बदलने में एक अहम रणनीतिकार की भूमिका निभाई। 2023 में उन्होंने उन प्रयासों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जिनके परिणामस्वरूप RJD-JDU सरकार की जगह NDA गठबंधन की सरकार बनी।

मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक की ज़िम्मेदारी भी निभाई

2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, उन्हें लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की दो श्रेणियों में स्टार प्रचारकों के दौरे की रणनीति बनाने और उसे लागू करने का नेतृत्व करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। त्रिपुरा और राजस्थान में मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक (ऑब्ज़र्वर) की ज़िम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई।

उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद के विस्तार को संभालने में भी अहम भूमिका निभाई। वह महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। वर्तमान में वह वित्त संबंधी स्थायी समिति और विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।

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