सीएम योगी (सोर्स- फोटो नवभारत)
लखनऊ

शिक्षण गुणवत्ता सुधारने की बेहतर पहल, शिक्षकों को पाठ की तैयारी से प्रभावी शिक्षण तक मिलेगा सहयोग

UP Teacher Diary: उत्तर प्रदेश सरकार शैक्षिक सत्र 2026-27 में शिक्षकों को संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराएगी। कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए 3.38 करोड़ रुपये से अधिक की लिमिट जारी की गई है।

राजेश कुमार मिश्र, स्निग्धा श्रीवास्तव

UP Teacher Guide 2026-27: कक्षा में बेहतर पढ़ाई की पहली जरूरत है शिक्षक की बेहतर तैयारी। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में शिक्षकों को जरूरी अकादमिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 3.81 करोड़ रुपये से अधिक की लिमिट जारी की है।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी एवं गणित के शिक्षकों के लिए संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में अलग से 42.61 लाख रुपये की लिमिट जारी हुई है।

इस पहल का उद्देश्य शिक्षक को पाठ की तैयारी, शिक्षण गतिविधियों की योजना और कक्षा की जरूरत के अनुसार प्रभावी शिक्षण के लिए व्यवस्थित शैक्षिक सहयोग देना है, ताकि बेहतर तैयारी का सीधा असर बच्चों की सीख पर दिखाई दे।

शिक्षक की तैयारी के लिए 338.54 लाख रुपये

राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से कक्षा 1 से 5 तक हिंदी एवं गणित विषय की संदर्शिका और शिक्षक डायरी के मुद्रण एवं आपूर्ति के लिए 75 जिलों को कुल 338.54 लाख रुपये की लिमिट जारी की गई है।

इसमें संदर्शिका के मुद्रण के लिए 172.35 लाख रुपये, शिक्षक डायरी के लिए 152.91 लाख रुपये और मुद्रित सामग्री के परिवहन के लिए 13.27 लाख रुपये शामिल हैं। संदर्शिका शिक्षक को पाठ्यपुस्तक के साथ विषयवस्तु को बेहतर ढंग से समझाने, शिक्षण गतिविधियों की योजना बनाने और कक्षा की जरूरत के अनुसार पाठ को आगे बढ़ाने में सहयोग देगी।

वहीं शिक्षक डायरी के माध्यम से शिक्षक अपनी कक्षा कक्ष की कार्ययोजना और शिक्षण गतिविधियों की तैयारी को अधिक व्यवस्थित कर सकेंगे।

उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी अलग संसाधन

कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट जारी की जाएगी। इससे उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक भी अपनी कक्षा और विषय की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शैक्षिक संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।

इसका उद्देश्य शिक्षक को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय पाठ की तैयारी, प्रस्तुतीकरण और कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के लिए आवश्यक अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

संदर्शिका और डायरी से व्यवस्थित होगी शिक्षण योजना

संदर्शिका और शिक्षक डायरी शिक्षक के लिए कक्षा-कक्ष की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक होंगी। संदर्शिका के माध्यम से शिक्षक पाठ्यवस्तु को विद्यार्थियों के स्तर और सीखने की जरूरत के अनुसार प्रस्तुत करने की योजना बना सकेंगे।

शिक्षक डायरी में दैनिक एवं साप्ताहिक शिक्षण गतिविधियों की तैयारी, कक्षा-कक्ष की कार्य-योजना और आवश्यक शैक्षिक गतिविधियों को व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे शिक्षक को पाठ पढ़ाने से पहले आवश्यक तैयारी करने और कक्षा में उसके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

सामग्री समय से मिले, इस पर जोर

महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संदर्शिका और शिक्षक डायरी की आपूर्ति तथा विद्यालय स्तर तक उनके वितरण को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को शैक्षिक सत्र के दौरान आवश्यक सामग्री के लिए इंतजार न करना पड़े।

सामग्री की आपूर्ति पूरी होने के बाद ही निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने, जारी धनराशि का उपयोग निर्धारित मद में ही करने तथा भुगतान के दौरान पीएफएमएस कंपोनेंट कोड का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित बिल, वाउचर और अन्य अभिलेख भी सुरक्षित रखने होंगे।

मजबूत तैयारी से बेहतर होगी कक्षा

शिक्षण गुणवत्ता का मजबूत आधार शिक्षक की तैयारी है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही संदर्शिका और शिक्षक डायरी शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर कक्षा में उसके प्रभावी क्रियान्वयन तक अकादमिक सहयोग देंगी। इससे शिक्षक अपनी कक्षा की जरूरत के अनुसार पहले से बेहतर योजना बना सकेंगे और विद्यार्थियों को विषय समझने, गतिविधियों में भाग लेने तथा सीखने के अधिक प्रभावी अवसर उपलब्ध करा सकेंगे। इस व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य शिक्षक की तैयारी को मजबूत करते हुए कक्षा-कक्ष में शिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों के अधिगम को बेहतर बनाना है।

बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है। योगी सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर जरूरी शैक्षिक सहयोग मिले। संदर्शिका और शिक्षक डायरी इसी शिक्षक-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की पहल हैं। हमारा लक्ष्य है कि इन संसाधनों का प्रभाव सीधे कक्षा-कक्ष में दिखाई दे और बच्चों को सीखने के अधिक प्रभावी अवसर मिलें। - संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश

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