राजस्थान के लाल का जापान में डंका! IIT से PhD के बाद टोक्यो में असिस्टेंट प्रोफेसर बने जतिन नामा

Rajasthan Boondi Success Story: बूंदी के जतिन नामा का चयन जापान की टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। उन्होनें IIT गांधीनगर से PHD के बाद जतिन ने यह मुकाम हासिल किया।
Jatin Nama Assistant Professor Tokyo Metropolitan University
जतिन नामा बने टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी जापान के असिस्टेंट प्रोफेसरसोर्स-सोशल मीडिया
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Jatin Nama Assistant Professor Japan: राजस्थान के बूंदी जिले के एक छोटे से इलाके बालचंद पाड़ा से निकले जतिन नामा ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत के दम पर विदेश की धरती पर क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर, गुजरात से रसायन शास्त्र में "हाइड्रोजन ऊर्जा क्षेत्र" में पीएचडी करने वाले जतिन नामा का चयन जापान के प्रतिष्ठित 'टोक्यो महानगरीय विश्वविद्यालय' (Tokyo Metropolitan University) में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है।

जतिन नामा आज 28 सितंबर को जापान के लिए रवाना होंगे और अगले महीने अपना कार्यभार संभालेंगे। अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हुए जतिन ने बताया कि उनके पिता ने अपने सपनों को त्यागकर उन्हें पढ़ाया; यहां तक कि घर में एक बाइक होने के बावजूद उनके पिता तीन किलोमीटर पैदल ड्यूटी जाते थे ताकि बेटा अपनी पढ़ाई जारी रख सके। जतिन की यह कामयाबी न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बूंदी और राजस्थान के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।

टोक्यो महानगरीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बने

मीडिया से बातचीत करते हुए जतिन नामा ने कहा, "बचपन से लेकर मास्टर की पढ़ाई बूंदी में रहकर की है। 2020 में आईआईटी गांधीनगर पहुंचा, वहां प्रोफेसर सुधांशु शर्मा के साथ पीएचडी ज्वाइन की। टोक्यो महानगरीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर का पद मिला है।

घर में खुशी का माहौल है। इस सफलता का श्रेय घरवालों को जाता है। घर में एक ही बाइक थी और पिता मेरे लिए गाड़ी छोड़कर तीन किलोमीटर पैदल ऑफिस जाते थे। मेरे भाई और भाभी ने काफी आर्थिक मदद की है। पत्नी ने मेरा बहुत साथ दिया है।"

पिता ने बेटे की पढ़ाई के लिए किए बड़े त्याग

जतिन के पिता नारायण नामा ने मीडिया से बातचित करते हुए कहा, मेहनत से कामयाबी हासिल करने के लिए बेटे को धन्यवाद देना चाहता हूं। मुझे गर्व है कि बच्चे के साथ मेरा भी सम्मान हो रहा है। आप लोगों को देखकर अच्छा लग रहा है।"

पत्नी अनुराधा बोली गर्व है जतिन पर

जतिन की पत्नी अनुराधा नामा ने मीडिया से कहा, "हम लोगों को इनपर गर्व है कि बूंदी जैसे जगह से उठकर आईआईटी का सफर तय किया और अब देश के बाहर जाकर वहां पढ़ाएंगे और रिसर्च करेंगे।

इनके साथ मैं भी जाऊंगी तो इमोशनल भी हूं कि पूरे परिवार को छोड़कर जाना पड़ेगा। उन्नति के साथ अपनों को छोड़कर जाने का दुख है। इनकी सफलता बूंदी के बच्चों के लिए प्रेरणा है कि वे भी आगे बढ़ें और बूंदी, राजस्थान और देश का नाम रोशन करें।"

Jatin Nama Assistant Professor Tokyo Metropolitan University
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जतिन के परिवार और पूरे बूंदी में खुशी का माहौल

जतिन के पड़ोसी पीयूष पाचक ने कहा, "यह हमारे साथ-साथ पूरे बूंदी के लिए गर्व का विषय है। अपनी मेहनत से लक्ष्य को हासिल किया है। हमारी बूंदी की गलियों में खेलने वाला जतिन जापान के बच्चों को पढ़ाएगा। जतिन को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामना है।"

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