विदेशी कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों के जरिए भेजने की थी तैयारी
डिजिटल अरेस्ट और निवेश धोखाधड़ी में हो सकता था इस्तेमाल
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में कार्रवाई
Police Success Cybercrime Case: लखनऊ में साइबर अपराध के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसका इस्तेमाल विदेशी कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह SIM Box बरामद किए हैं। इन सभी उपकरणों में 32-32 पोर्ट लगे हुए थे। जांच के दौरान इनसे जुड़े कुल 192 e-SIM सक्रिय मिले हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए विदेश में बैठे साइबर अपराधी भारतीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना सकते थे।
यह कार्रवाई एडीसीपी क्राइम IPS किरण यादव के नेतृत्व में की गई। बरामद SIM Box पर 'Made in China' लिखा मिला है। पुलिस को आशंका है कि इन उपकरणों को साउंड एम्पलीफायर के नाम पर लाया गया था, जबकि इनका वास्तविक इस्तेमाल टेलीकॉम नेटवर्क के जरिए कॉल रूट करने में किया जा रहा था।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, SIM Box तकनीक के जरिए विदेश से आने वाली कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों के माध्यम से स्थानीय कॉल की तरह दिखाया जा सकता है। इससे कॉल करने वाले की वास्तविक लोकेशन और पहचान छिपाने में मदद मिल सकती है। साइबर अपराधी इस तरीके का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतने और उन्हें ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश कर सकते थे।
पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी जैसी वारदातों में किया जा सकता था। हालांकि, बरामद उपकरणों का वास्तविक इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच अभी जारी है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को परिसर में एक Wi-Fi से कनेक्टेड फेस डोर बेल भी लगी मिली। आशंका है कि इसका इस्तेमाल परिसर के आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था। लखनऊ पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि SIM Box नेटवर्क को संचालित करने वाले लोगों का आपस में क्या संपर्क था और इस पूरे इंतजाम के पीछे कौन लोग काम कर रहे थे।
पुलिस अब बरामद किए गए सभी छह SIM Box के स्रोत, भारत में उनके प्रवेश और सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि 32-पोर्ट वाले इन उपकरणों को किस उद्देश्य से मंगाया गया था और इनके संचालन के लिए किन लोगों ने संसाधन उपलब्ध कराए।