लखनऊ में साइबर अपराधियों पर क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, एक दर्जन सिम बॉक्स बरामद

Lucknow Cyber Crime Crackdown: एडीसीपी क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीमों ने सुशांत गोल्फ सिटी, गोमतीनगर, पारा, चिनहट और बीबीडी थाना क्षेत्र को कार्रवाई के लिए चुना गया।
A Strike Against Cybercrime
साइबर क्राइम पर प्रहार(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • साइबर अपराध के नेटवर्क पर कसा शिकंजा

  • भारत में लोगों को विदेशों में बैठे निशाना बना रहे साइबर अपराधी

  • क्राइम ब्रांच की टीमों ने कई थाना क्षेत्रों में एक साथ की छापेमारी

Lucknow Police Action: लखनऊ में साइबर अपराध के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी कर पुलिस ने करीब एक दर्जन सिम बॉक्स बरामद किए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन उपकरणों का इस्तेमाल विदेशों में बैठे साइबर अपराधी भारत में लोगों को निशाना बनाने के लिए कर रहे थे। फिलहाल क्राइम ब्रांच की साइबर यूनिट पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।

पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया। एडीसीपी क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीमों ने शहर के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान सुशांत गोल्फ सिटी, गोमतीनगर, पारा, चिनहट और बीबीडी थाना क्षेत्र को कार्रवाई के लिए चुना गया। अलग-अलग ठिकानों पर हुई तलाशी के दौरान करीब 12 सिम बॉक्स मिलने की जानकारी सामने आई है।

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विदेश में बैठे अपराधियों से जुड़ा नेटवर्क

जांच में सिम बॉक्स के जरिए होने वाली कॉल रूटिंग को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि विदेशों में बैठे साइबर अपराधी इन उपकरणों की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय कॉल के रूप में रूट करते थे। इस तकनीक के जरिए वे भारत में बैठे लोगों से संपर्क कर उन्हें साइबर ठगी का शिकार बनाते थे। सिम बॉक्स का इस्तेमाल कॉल करने वाले की वास्तविक लोकेशन और कॉल के स्रोत को छिपाने के लिए भी किया जा सकता है।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच

पुलिस को इस नेटवर्क के तार गुजरात, असम और गोवा समेत देश के कई राज्यों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। ऐसे में जांच का दायरा केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहने वाला है। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सिम बॉक्स किन लोगों के कब्जे में थे, इनके जरिए कितने सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे और विदेश में बैठे साइबर अपराधियों से इनका संपर्क कैसे होता था।

पूरी कार्रवाई 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी और एडीसीपी क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।

IPS Kiran Yadav
आईपीएस किरण यादव(सोर्स: सोशल मीडिया)

रिपोर्ट: ईशांक शर्मा

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