Kanpur Minor Gang Rape Case: कानपुर में रिश्तों को कलंकित करने का एक मामला सामने आया था जिसको नवभारत लाइव ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। एक नाबालिग बच्ची के साथ उसके रिश्ते में लगने वाले मामा ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कई बार सामूहिक बलात्कार किया था। जिसके चलते वह गर्भवती हो गई थी और उसका 4 महीने 20 दिन का गर्भपात भी आरोपियों ने कर दिया था। इस षड्यंत्र में बच्ची के नाना, नानी, मामा, मामी समेत 10 लोग शामिल थे जिनके विरुद्ध पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी से न्याय की गुहार लगाते हुए शिकायत की थी कि उसकी बेटी अपने नाना नानी के घर में रह कर पढ़ाई कर रही थी। इस दौरान रिश्ते में लगने वाले मामा दर्शन ने उसके साथ बलात्कार किया और इसके बाद उसके दोस्त आनंद पाल और अभिषेक यादव ने भी कई बार उसकी नाबालिग बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया।
जिसके चलते वह गर्भवती हुई और 4 महीने 20 दिन के गर्भ का गर्भपात एक निजी अस्पताल में ले जाकर षड्यंत्र के तहत कर दिया गया और इसके बाद उनकी बेटी को उसकी मां यानी बेटी की नानी महिला के घर पर छोड़कर फरार हो गई थी।
काफी पूछने पर उसकी नाबालिग बेटी जो महज कक्षा 9 की छात्रा थी ने अपने साथ हुई आपबीती अपनी मां को बताई तो महिला के होश उड़ गए थे। इसके बाद सबसे पहले महिला रावतपुर थाने शिकायत करने पहुंची थी लेकिन रावतपुर थाने की पुलिस ने मामला कन्नौज जिले का होने का बताकर पीड़िता को टरका दिया था। इसके बाद महिला अपनी बच्ची को लेकर डीसीपी पश्चिम कार्यालय पहुंची और यहां मौजूद थे एक ईमानदार और हमेशा पीड़ितों की सुनने वाले आईपीएस कासिम आबिदी जिन्होंने न ही केवल पीड़िता से पूरी आपबीती सुनी बल्कि तत्काल इस प्रकरण में गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश जारी कर दिया। जिसके बाद रावतपुर थाने में 10 लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
इस पूरे मामले में 10 लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है जिसमें मामा दर्शन, आनंदपाल, अभिषेक यादव,नाना किशोरीलाल, नानी सरोजिनी, मामा अशोक,मामी राधा, मामी सुधा, डॉक्टर दिव्यांशी राजपूत और डॉ रौनक राजपूत हैं। डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 आरोपियों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 51, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6, भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 (2) नाबालिग के साथ गैंगरेप जिसमें दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है।भारतीय न्याय संहिता की धारा 89 जिसमें सहमति के बिना गर्भपात कराने से संबंधित धारा है और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।