महिला को ग्रामीणों ने बचाया  (सोर्स- फोटो नवभारत)
कानपुर

Kanpur: आंगन में पैर रखते ही पाताल में जाने लगी महिला, 10 फीट गहरे गड्ढे से ग्रामीणों ने बचाई जान

Kanpur Well Collapse: कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र के नसिरापुर गांव में 40 साल पुराने बंद कुएं की मिट्टी धंसने से 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। इसमें गिरी 60 वर्षीय महिला को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया।

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Old Well Collapse Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर क्षेत्र के नसिरापुर गांव में उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब घर के आंगन में करीब 40 साल से बंद पड़े पुराने कुएं की मिट्टी अचानक धंस गई। इसी दौरान जीने से नीचे उतर रही 60 वर्षीय महिला जमीन धंसने के कारण करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। महिला के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें हाथ से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता के कारण महिला को समय रहते बाहर निकाल लिया गया।गड्ढे में गिरने के कारण महिला को मामूली चोटें आई हैं। इसके बाद स्वजन उन्हें उपचार के लिए ले गए। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

आंगन में पैर रखते ही धंस गई जमीन

नसिरापुर गांव निवासी महेश चंद्र अपनी 60 वर्षीय पत्नी ज्ञान देवी के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। उनके चार बेटे हैं, जो अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। महेश चंद्र के मुताबिक, पिछले कुछ समय से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण गुरुवार सुबह उनके कच्चे मकान की एक दीवार भी गिर गई थी।इसी बीच दोपहर में ज्ञान देवी छत से जीने के रास्ते नीचे आ रही थीं। जैसे ही उन्होंने आंगन में कदम रखा, अचानक जमीन की मिट्टी धंस गई।

जमीन के नीचे बनी पुरानी संरचना के स्थान पर मिट्टी कमजोर होने के कारण वहां गहरा गड्ढा बन गया और ज्ञान देवी उसमें जा गिरीं। बताया गया कि गड्ढा करीब 10 फीट गहरा था। अचानक जमीन धंसने से महिला कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही वह नीचे चली गईं। हालांकि, उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हो गई।

शोर सुनकर दौड़े ग्रामीण, हाथ से निकाला बाहर

ज्ञान देवी के गड्ढे में गिरने के बाद उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने जब आंगन में जमीन धंसी देखी तो उन्हें स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए महिला को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। गहरा गड्ढा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। इसके बावजूद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से उन्हें हाथ पकड़कर धीरे-धीरे ऊपर खींचा।

काफी प्रयास के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर आने के बाद महिला के परिजनों ने राहत की सांस ली। गड्ढे में गिरने से उन्हें मामूली चोटें आई थीं। इसके बाद स्वजन उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए ले गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला की हालत सामान्य बताई गई है।

40 साल पहले कुएं को मिट्टी डालकर किया गया था बंद

महेश चंद्र ने बताया कि जिस स्थान पर गुरुवार को जमीन धंसी, वहां करीब चार दशक पहले एक पुराना कुआं हुआ करता था। कई वर्ष पहले इस कुएं को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया था। इसके बाद उस स्थान का इस्तेमाल घर के आंगन के तौर पर किया जा रहा था। लगातार बारिश के कारण जमीन के भीतर पानी जाने से पुरानी भरी हुई मिट्टी कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।

इसी वजह से अचानक मिट्टी धंस गई और वहां करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। हालांकि, प्रशासन की जांच के बाद ही जमीन धंसने के वास्तविक कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।पुराने कुओं, गड्ढों और मिट्टी से भरे स्थानों पर लंबे समय के बाद इस तरह की स्थिति बन सकती है। खासकर लगातार बारिश के दौरान जमीन के भीतर पानी का रिसाव मिट्टी की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

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