कानपुर में पांडु नदी का कहर; पिपौरी में 60 परिवार बाढ़ में फंसे, 85 परिवारों के लिए पहुंची NDRF टीम

Kanpur Flood News: पांडु नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पिपौरी में 60 परिवार बाढ़ में फंस गए। NDRF ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। गोपालपुरम और जरौली के निचले इलाकों में भी 25 परिवार फंसे थे।
Kanpur Flood Pandu River Water Level Rises NDRF Rescues 60 Families
मौके पर पहुंची NDRF(सोर्स- फोटो नवभारत)
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NDRF Rescue Operation Kanpur: कानपुर के ग्राम पिपौरी में पांडु नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ने और आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर जाने पर ग्राम पिपौरी में 60 परिवार बाढ़ की चपेट में आकर फस गए। इसकी सूचना जैसे ही प्रशासन को मिली तत्काल मौके पर एनडीआरएफ की टीम को भेजा गया। मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने समन्वय स्थापित करते हुए बचाव की कार्रवाई शुरू कर दी और सभी 60 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

गोपालपुरम और जरौली के निचले इलाकों में फंसे थे 25 परिवार

पांडु नदी का पानी बढ़ने से गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना पर एनडीआरएफ को बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। प्रशासन की टीमें भी प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं।

देर रात संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने पांडु नदी के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। दोनों अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत किट की व्यवस्था भी कराई गई है।

मौके पर पहुंची NDRF
मौके पर पहुंची NDRF(सोर्स- फोटो नवभारत)
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भौति पनका पुल के ऊपर बह रहा पांडु नदी का पानी

ग्राम पनका बहादुर नगर में भौती-पनका संपर्क मार्ग के पुल के ऊपर से पांडु नदी का पानी बहने लगा। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पुल पर बैरिकेडिंग कराकर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया। स्थानीय पुलिस को मौके पर सतर्क रहने और पुल से आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग के सदस्य ने भी किया निरीक्षण

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने भी मायापुरम और रविदासपुरम के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। साथ ही जलभराव वाले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत निकट स्थित बाढ़ आश्रय स्थल श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज में पहुंचने के लिए प्रेरित किया। बाढ़ आश्रय स्थल पर प्रभावितों के लिए कम्युनिटी किचन का संचालन शुरू कर दिया गया है, जहां रोजाना लगभग 400 लोग भोजन कर रहे हैं। प्रशासन पांडु नदी के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

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