साक्ष्यों के अभाव में छह को क्लीनचिट
मृतक की पत्नी ने कार्रवाई पर जताया असंतोष
पत्नी सुशीला ने सिसवा से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा
Councilor Rajkumar Chauhan Murder: पार्षद राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस की विवेचना के बाद नया मोड़ आ गया है। मामले में पार्षद धर्मदेव चौहान समेत छह लोगों को साक्ष्यों के अभाव में क्लीनचिट दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इन लोगों के खिलाफ हत्या या साजिश में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद विवेचक ने उनके नाम मुकदमे से हटा दिए। वहीं, इस कार्रवाई पर मृतक की पत्नी सुशीला ने असंतोष जताते हुए पुलिस की जांच पर संदेह व्यक्त किया है।
राजकुमार चौहान की 17 मार्च की सुबह चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में गोली मारने और चाकू से हमला करने के बाद हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद उनकी पत्नी सुशीला ने दीपक गौड़, पार्षद धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू यादव, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू और अभय पांडेय समेत आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस की विवेचना के दौरान नामजद आरोपियों के अलावा आठ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई। इनमें एक आरोपी नाबालिग बताया गया है। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। हालांकि, छह लोगों को क्लीनचिट मिलने के बाद मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
छह आरोपियों के नाम मुकदमे से हटाए जाने के बाद सुशीला ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस की गतिविधियां संदेह पैदा कर रही हैं। उन्होंने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। सुशीला के मुताबिक, परिवार को अब भी न्याय मिलने की उम्मीद है, लेकिन मौजूदा कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं।
पुलिस ने जहां साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर छह लोगों के नाम हटाए हैं, वहीं पीड़ित परिवार की आपत्तियों ने मामले की विवेचना को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हत्याकांड के बीच सुशीला ने आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सिसवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई है। अब इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और परिवार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
रिपोर्ट: अनुराग मिश्रा