सात साल का साथ, भावुक विदाई: पालतू कुत्ते बफी की तेरहवीं; छपवाए श्रद्धांजलि कार्ड, ब्रह्मभोज का भी आयोजन

Gorakhpur Pet Dog News: आजाद नगर में सात वर्षीय पालतू कुत्ते बफी के निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं, ब्रह्मभोज और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। श्रद्धांजलि कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों को आमंत्रित किया गया।
Gorakhpur Family Organizes Tehravi and Brahm Bhoj for Pet Dog Buffy, Sets an Example of Unconditional Love
पालतू कुत्ते बफी(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • सात साल का साथ, पालतू कुत्ते बफी की भावुक विदाई

  • छपवाए श्रद्धांजलि कार्ड सुंदरकांड का आयोजन

  • गोरखपुर के बफी के निधन से गमगीन हैं घर के सदस्य

  • इलाज के बाद भी नहीं बची पालतू कुत्ते की जान

Family Organizes Brahm Bhoj For Dog: किसी परिवार के लिए पालतू जानवर सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि सुख-दुख का साथी और घर का अभिन्न सदस्य भी होता है। उसके साथ बिताया गया समय, उसकी शरारतें और उसकी मौजूदगी परिवार की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। ऐसा ही भावनात्मक रिश्ता गोरखपुर के आजाद नगर निवासी एक परिवार का अपने सात वर्षीय पालतू कुत्ते बफी से था। बफी के निधन के बाद परिवार ने उसे श्रद्धांजलि देने के लिए तेरहवीं और ब्रह्मभोज का आयोजन किया है। इसके लिए बाकायदा श्रद्धांजलि कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों और परिचितों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में सुंदरकांड का पाठ भी रखा गया है। परिवार की यह पहल पालतू जानवरों के प्रति गहरे प्रेम और लगाव की अनूठी मिसाल बन गई है।

सात साल तक परिवार का हिस्सा रहा बफी

आजाद नगर निवासी सुरसरी प्रसाद मिश्र के बेटे अनिल मिश्र को पालतू जानवरों से खास लगाव है। करीब सात साल पहले वह बफी को अपने घर लेकर आए थे। धीरे-धीरे बफी परिवार के हर सदस्य के करीब हो गया। उसकी मौजूदगी घर में रौनक बनाए रखती थी। परिवार के सदस्यों के साथ रिश्तेदारों और परिचितों का भी उससे भावनात्मक जुड़ाव हो गया था। सात साल तक साथ रहने के बाद बफी का जाना परिवार के लिए किसी अपने को खोने जैसा है।

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इलाज के बावजूद नहीं बच सकी जान

परिवार के मुताबिक, कुछ समय पहले बफी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए ले जाया गया, जहां जांच के दौरान उसके पेट में अल्सर होने की जानकारी मिली। परिवार ने उसका इलाज कराया और उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। बफी के निधन के बाद से घर में शोक का माहौल है।

तस्वीर के साथ छपवाए श्रद्धांजलि कार्ड

बफी की यादों को संजोने और उसे सम्मानपूर्वक विदाई देने के लिए परिवार ने पारंपरिक तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया। इसके लिए छपवाए गए कार्ड पर 'विनम्र श्रद्धांजलि' और 'स्व. बफी के ब्रह्मभोज पर आमंत्रण' लिखा गया है। कार्ड को बफी की तस्वीर और सुनहरे रंग की सजावट से तैयार कराया गया है। इसके जरिए रिश्तेदारों और परिचितों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।

सुंदरकांड पाठ के बाद होगा ब्रह्मभोज

परिवार की ओर से 15 अक्तूबर को शाम चार बजे आजाद नगर स्थित मकान नंबर 454 बी में ब्रह्मभोज का आयोजन निर्धारित किया गया है। इस दौरान सुंदरकांड का पाठ होगा और ब्राह्मणों को भोजन कराया जाएगा। अनिल मिश्र का कहना है कि बफी परिवार के लिए बेहद खास था। उसके निधन से सभी सदस्य दुखी हैं। उसकी स्मृति को संजोने और श्रद्धांजलि देने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है।

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