Awadh Ojha Statement For Ayodhya Ram Mandir Dispute: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में है। जहां एक ओर पुलिस और एसआईटी राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार तेज हो गई हैं। इसी बीच जाने माने शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अवध ओझा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है जिसके कैप्शन में लिखा है कि राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई थी। हालांकि इस वीडियो में ओझा ने पूरे मामले पर व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी बात रखी।
वीडियो की शुरुआत में अवध ओझा कहते हैं कि राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने व्यंग्य कसा और काल्पनिक कहानी सुनाई कि मंदिर के पदाधिकारियों को सपने में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आत्मा दिखाई दी और वे बोले कि बिना कांग्रेस की अनुमति के राम मंदिर बनवा दिया गया है। इसलिए पुराने कांग्रेस के नेताओं की आत्माएं आकर मंदिर की संपत्ति उठा ले जाएंगी।
अवध ओझा ने आगे व्यंग्य कसते हुए कहा कि इसी डर की वजह से मंदिर के पदाधिकारियों ने सोना-चांदी और अन्य कीमती सामानों को किसी सुरक्षित स्थान पर रख दिया है। उन्होंने कहा कि नेहरू के चक्कर में यह सारा कांड हो गया है। बाकी लोग बेवजह परेशान हो गए हैं कि मंदिर में चोरी हो गई है।
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अपने व्यंग्य को आगे बढ़ाते हुए अवध ओझा ने कहा कि नेहरू व इंदिरा गांधी की आत्माओं की साजिश की जानकारी इंद्र देव को लग गई और इसके बाद उन्होंने मंदिर के पदाधिकारियों को आगाह किया कि सभी कीमती सामान सुरक्षित कर लिजिए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि हो सकता है कुछ सामान कांग्रेसियों की आत्माएं भी उठा भी ले गई हों।
बता दें कि अवध ओझा का पूरा वीडियो व्यंग्य और कटाक्ष की शैली में ही बनाया गया है। इसमें अवध ओझा ने किसी तथ्यात्मक दावे के बजाय मौजूदा विवाद पर राजनीतिक तंज कसा है। जिसको वास्तविक घटनाक्रम या जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
उधर राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर पुलिस और एसआईटी की टीम जांच कर रही है। इस प्रकरण में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है और जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। एजेंसियों का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।