पश्चिमी चंपारण के बगहा में पहुंचे पप्पू यादव, बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री; सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

Gandak River Flood Water Surge Bagaha: सांसद पप्पू यादव ने बगहा में टूटे चंपारण तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और राहत की मांग की।
पप्पू यादव ने तटबंध टूटने की जांच की मांग की
पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को लेकर सरकार से कई मांगें रखीं और सहायता कीसोर्स-IANS
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West Champaran Pappu Yadav Helped Flood Victims: बिहार में गंडक नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी और भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा-1 ब्लॉक स्थित खैरतवा में चंपारण तटबंध तीन स्थानों पर टूट गया है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। मंगलवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बगहा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और क्षतिग्रस्त तटबंध का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत सामग्री और वित्तीय सहायता बांटी।

मीडिया से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने सरकार और जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लड फाइटिंग और तटबंधों की मरम्मत के नाम पर हर साल करोड़ों-अरबों रुपये का घोटाला हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह तटबंध 2024 के बाद अब 2026 में फिर से टूटा है, जो विभागीय लापरवाही और घटिया निर्माण को दर्शाता है। पप्पू यादव ने जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच, किसानों के लिए 5 साल की कर्जमाफी और बगहा व वाल्मीकिनगर को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।

हर साल करोड़ों खर्च, फिर भी तटबंध पर सवाल

पप्पू यादव ने बाढ़ नियंत्रण और तटबंध की सुरक्षा को लेकर सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव रोकने और फ्लड फाइटिंग के काम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद तटबंध बार-बार कमजोर पड़ रहा है।

यादव ने मांग की कि तटबंध में आई दरारों के लिए जिम्मेदार इंजीनियरों और अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

2024 के बाद फिर टूटा तटबंध

मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा कि चंपारण का तटबंध 2024 में भी टूट चुका था और 2026 में दोबारा ऐसी स्थिति सामने आई है।

उन्होंने कहा कि तटबंध पर ठोकर नहीं होने की वजह से नदी के पानी का दबाव बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, निर्माण और मरम्मत से जुड़े ठेकेदारों के साथ विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

गाद और कटाव का स्थायी समाधान मांगा

सांसद पप्पू यादव ने तटबंध में आई दरारों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने नदी के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए मार्गदर्शक बांध और सहायक तटबंध बनाने की जरूरत बताई। नदी में लगातार जमा हो रही गाद की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी उन्होंने रखी।

पप्पू यादव ने तटबंध टूटने की जांच की मांग की
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राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को लेकर भी यादव ने कई मांगें रखीं। उन्होंने पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था, मेडिकल सुविधाएं और सामुदायिक रसोई बढ़ाने की बात कही।

इसके अलावा बगहा और वाल्मीकिनगर को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित करने की मांग की। प्रभावित किसानों के लिए पांच साल की कर्ज माफी और फसल नुकसान के बदले पर्याप्त मुआवजा देने की भी मांग उन्होंने की।

गंडक नदी में बढ़े जलस्तर से दबाव

26 और 27 सितंबर के बीच बिहार के सीमावर्ती जिलों में गंडक नदी के आसपास ज्यादा बारिश हुई। इसके चलते नदी का जलस्तर पहले से बढ़ा हुआ था।

गंडक नदी में अधिक मात्रा में पानी आने के कारण नदी किनारे बने तटबंधों पर दबाव बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में तटबंधों की निगरानी और बाढ़ से निपटने की तैयारियां महत्वपूर्ण हो गई हैं।

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