

East Champaran Flood: पड़ोसी देश नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के आदित्यपुर और नारायणी बेसिन क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं। बारिश और मलबे की चपेट में आने से अब तक 21 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हो गए है।
नेपाल की त्रिशूली नारायणी (गंडक) और बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे पृथ्वी और बीपी हाईवे समेत कई प्रमुख रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। नेपाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश और बिहार पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
वाल्मीकि नगर बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी उफान पर है और आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी भरने लगा है। बिहार के गंडक में पानी के भारी दबाव से चंपारण में चार जगह तटबंध टूट गया है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सीमावर्ती और तटीय जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
बैकुंठपुर के शीतलपुर में तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई गांवों में तेजी से पानी घुस रहा है, जबकि लोग सुरक्षित जगहों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। गोपालगंज में बैराज से करीब 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का पानी कई गांवों में फैल गया है। पांच पंचायतों में घरों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से इंद्रावती नदी का जलस्तर 53 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर 12।39 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे जगदलपुर के निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। अब तक 833 लोगों को सुरक्षित निकालकर 65 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
राजस्थान के जयपुर, बीकानेर और चूरू में ओले गिरने से ठंड बढ़ गई है। वहीं यूपी के अमेठी, रामपुर और बदायूं में सितंबर के महीने में ही जनवरी जैसा घना कोहरा देखा गया, जहां दृश्यता घटकर महज 25 मीटर रह गई।
रातभर हुई बारिश के कारण मंगलवार को बेंगलुरु के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई और सुबह व्यस्त समय में यातायात प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह तक बारिश जारी रहने से छात्रों और कार्यालय जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के विभिन्न हिस्सों में कई पेड़ भी उखड़ गए।
उत्तराखंड में बर्फबारी के बाद फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए मंगलवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी रहा, मंगलवार सुबह चलाए गए अभियान में कालिंदी पास बेस क्षेत्र से 10, सतोपंथ बेस क्षेत्र से चार और जोगिन-1 पास बेस क्षेत्र से आठ सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया।
इस तरह सुबह 11:15 बजे तक कुल 22 ट्रैकर्स को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका था। इससे पहले सोमवार को कालिंदी पास बेस और ओडन कोल बेस क्षेत्र से 40 ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाला गया था।