

Dhanraj Nathwani Rajya Sabha: समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। सपा के पहले उम्मीदवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव हैं, जबकि दूसरे उम्मीदवार के तौर पर पार्टी ने उद्योगपति धनराज नथवानी को राज्यसभा की टिकट दी है। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि धनराज नथवानी कौन हैं और सपा ने उन्हें राज्यसभा का टिकट क्यों दिया है।
धनराज नथवानी देश के बड़े उद्योगपति हैं और मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े हुए हैं। धनराज नथवानी की LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक वर्तमान में वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। सपा की ओर से उन्हें राज्यसभा का टिकट दिए जाने को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव कई बार भाजपा पर अंबानी-अडानी के हित में नीतियां बनाने का आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में लोग सोशल मीडिया पर सवाल पूछ रहे हैं कि अंबानी के करीबी को सपा ने कैसे और क्यों टिकट दे दिया।
धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा सांसद हैं। परिमल नथवानी झारखंड़ से निर्दलीय राज्यसभा सांसद हैं, उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए (NDA) का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में सपा पर परिवारवाद को भी बढ़ावा देने का आरोप भी लगाए जा रहे हैं। धनराज नथवानी आज रामगोपाल यादव के साथ राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले पूर्व IAS अधिकारी आलोक रंजन और सलीम इकबाल शेरवानी में से किसी एक को सपा की ओर से दूसरा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा तेज थी।
धनराज नथवानी को अंबानी परिवार और खासकर मुकेश अंबानी का करीबी माना जाता है। नथवानी द्वारकाधीश मंदिर प्रशासनिक समिति के उपाध्यक्ष, गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और प्रभारी अध्यक्ष और जामनगर फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की है।
धनराज नथवानी पहली बार चर्चा में तब आए थे, जब उन्होंने 2024 में मुकेश अंबानी के घर पोती के जन्म लेने की खबर को सोशल मीडिया के जरिए सार्वजानिक किया था। अंबानी परिवार अपने निजी मामलों को गुप्त रखता है, ऐसे में इतनी बड़ी जानकारी सार्वजनिक किए जाने का जिम्मा धनराज नथवानी को सौंपा जाना यह बताता है कि अंबानी परिवार उन पर कितना भरोसा करता है। वहीं इससे पहले जब 2020 में आकाश का बेटा पैदा हुआ था, तब धनराज के पिता परिमल नथवानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए यह जानकारी सार्वजनिक की थी।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होंगे। चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक, सभी दल 6 अक्टूबर तक नामांकन कर सकते हैं। वहीं नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को की जाएगी। इसके बाद 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम चुनाव से वापस ले सकते हैं। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।