यूपी CM योगी, शंकराचार्य 
उत्तर प्रदेश

'योगी 12 साल से गद्दी पर, गौ हत्या नहीं रोक पाए...कालनेमी कौन है?', यूपी CM के बयान पर भड़के शंकराचार्य

CM Yogi Kalnemi statement: सीएम योगी के ‘कालनेमी' बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भड़क गए हैं। माघ मेला विवाद, नोटिस और स्नान रोकने को लेकर उन्होंने सरकार-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अर्पित शुक्ला

Shankaracharya Controversy: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमी’ वाले बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शंकराचार्य ने कहा कि कालनेमी कौन है, यह अब देश की जनता को साफ समझ आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हम कोई सुख नहीं भोग रहे हैं, जबकि योगी राज गद्दी पर बैठे हैं। यह विवाद माघ मेला में स्नान को लेकर शुरू हुआ था, जो अब असली-नकली संत और सनातन धर्म तक पहुंच गया है। शंकराचार्य मौनी अमावस्या से ही संगम किनारे धरने पर बैठे हैं और उन्होंने बसंत पंचमी का स्नान न करने का ऐलान किया है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "बयानवीर न बनें, सीएम योगी। उनके ऊपर अधिकारियों ने पूरी तरह दबाव डाल रखा है। मेरे साथ जो अपराध हुआ, उसका संज्ञान लें। नोटिस के पीछे दुर्भावना दिखाई दे रही है। सीएम योगी 12 साल से गद्दी पर हैं, गौ हत्या रोक नहीं पाए। कालनेमी कौन है, यह अब जनता जान चुकी है।"

मेला प्रशासन पर नाराजगी

अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले के प्रशासन के रवैये पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "मैं 40 साल से माघ मेले में आता हूं। पहले शिविर दिया करते थे, अब चाहें तो उसे उखाड़ दें। हम वैसे भी फुटपाथ पर बैठते हैं। मुख्यमंत्री नकली-असली सनातन की बातें करते हैं। हम सुख नहीं भोग रहे, जबकि राज गद्दी संभाले हुए हैं। इसलिए बयानवीर बनने की बजाय देखें कि क्या अपराध हुआ है और उसका निर्णय करें। केवल कुछ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर देने से काम नहीं चलेगा।"

मेला प्रशासन द्वारा नोटिस

विवाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन स्नान को लेकर शुरू हुआ। प्रशासन ने शंकराचार्य को पहला नोटिस भेजकर शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा। इसके बाद दूसरा नोटिस भी जारी हुआ, जिसमें मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और भीड़ में बग्घी घुसाने जैसे कृत्यों के बारे में सवाल किए गए। नोटिस में यह चेतावनी दी गई कि 24 घंटे में संतोषजनक जवाब न मिलने पर संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं वापस ली जा सकती हैं।

सीएम योगी का बयान

इससे पहले CM योगी ने प्रयागराज से 720 किलोमीटर दूर सोनीपत में कहा था कि संत और संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र सबसे ऊपर हैं। उन्होंने कहा, "संत की व्यक्तिगत प्रॉपर्टी नहीं होती, धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है और राष्ट्र उसका स्वाभिमान। अगर कोई राष्ट्रीय स्वाभिमान को चुनौती देता है, तो हमें उसके सामने खड़ा होना चाहिए। कुछ लोग धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं, उनसे सतर्क रहना होगा।"

केशव मौर्य ने की थी अपील

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शंकराचार्य से प्रार्थना की कि वे स्नान करें और मामले को समाप्त करें। उन्होंने आजमगढ़ में भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल टोपी और जालीदार टोपी वाले अब गायब हैं। उन्होंने चुनावी संदर्भ में कहा कि बीजेपी का लगातार ग्राफ बढ़ रहा है।

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