छात्र आंदोलन  (सोर्स- नवभारत लाइव)
उत्तर प्रदेश

Aligarh: डक पॉइंट पर जुटे सैकड़ों छात्र, यासिर फहद बोले- चुनाव की तारीख लेकर उठूंगा या मेरी डेड बॉडी उठेगी..

AMU Student Protest: छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर एमए उर्दू छात्र ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। इस दौरान छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच धक्का-मुक्की की बात सामने आई।

प्रदीप कुमार रावत, स्निग्धा श्रीवास्तव

AMU Students Union Election: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर एक बार फिर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को विश्वविद्यालय के डक पॉइंट पर एमए उर्दू के छात्र यासिर फहद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र मौके पर पहुंचे। इस दौरान छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच करीब एक घंटे तक धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग लगातार उठाई जा रही है। यासिर फहद ने दावा किया कि उन्होंने 48 घंटे पहले वाइस चांसलर के नाम प्रॉक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में 48 घंटे के भीतर छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग की गई थी। निर्धारित समय में घोषणा नहीं होने पर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था।

करीब 400 से 500 छात्र मौके पर मौजूद रहे

मंगलवार को यासिर फहद के भूख हड़ताल पर बैठते ही डक पॉइंट पर छात्रों की भीड़ जुटने लगी। छात्रों के मुताबिक करीब 400 से 500 छात्र मौके पर मौजूद रहे। प्रॉक्टोरियल टीम ने धरना रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की हुई।

भूख हड़ताल पर बैठे यासिर फहद ने प्रॉक्टोरियल टीम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई, जेब में हाथ डाला गया और उन्हें घसीटा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके निजी अंग पर चोट पहुंचाई गई, जिससे उनकी हालत खराब हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यासिर फहद ने आंदोलन जारी रखने की बात कहते हुए कहा, “यहां से या तो मेरी डेड बॉडी उठेगी या फिर चुनाव की तारीख लेकर मैं उठूंगा।”

चुनाव की तारीख पर अटका आंदोलन

AMU में छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा लंबे समय से छात्रों की राजनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है। इस बार आंदोलन का केंद्र केवल धरना नहीं बल्कि 48 घंटे की समय-सीमा के बाद भूख हड़ताल बन गया है। छात्रों का कहना है कि जब तक चुनाव की तारीख को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

फिलहाल पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल टीम का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। छात्रों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की पुष्टि भी आधिकारिक जांच या संबंधित पक्ष के बयान के बाद ही हो सकेगी। अब नजर इस बात पर है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर क्या कदम उठाता है और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र के आंदोलन का अगला रुख क्या रहता है।

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