

Development Projects Review Varanasi: निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं में हो रही देरी और कम भौतिक प्रगति को लेकर वाराणसी जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली तथा सांसद निधि से संबंधित निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने परियोजनाओं की स्वीकृत एवं अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष भौतिक प्रगति की जानकारी लेते हुए विलंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग के निर्माण, भवन एवं प्रांतीय खंड, सीएंडडीएस, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, यूपी सिडको, यूपीपीसीएल, राज्य सेतु निगम, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम, आवास विकास परिषद, उत्तर प्रदेश जल निगम और नगर निगम समेत विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधक एवं अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थावार कम प्रगति वाली और निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रही परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की स्वीकृत धनराशि, अब तक अवमुक्त राशि और उसके सापेक्ष हुए निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनके निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए अधिकारी स्वयं विशेष रुचि लेकर प्रभावी प्रयास करें।
डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण परियोजना में यदि भूमि, तकनीकी, विभागीय समन्वय या अन्य किसी कारण से बाधा उत्पन्न हो रही है तो इसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। इससे संबंधित मामले का समय रहते निस्तारण कराया जा सकेगा। उन्होंने लंबित प्रकरणों में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर अलग से बैठक आयोजित कर समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधकों एवं निदेशकों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप ही पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारी स्वयं मौके पर निर्माण कार्यों की निगरानी करें और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का भी विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति समयबद्ध तरीके से सीएमआईएस पोर्टल पर अपडेट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति और आंकड़े स्पष्ट रूप से परिलक्षित होने चाहिए, ताकि विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सके।
बैठक में नगर निगम की विलंबित परियोजनाओं को लेकर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को नगर निगम की सभी विलंबित परियोजनाओं का अलग से चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि इन परियोजनाओं की स्थिति की अलग से समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।