हिंदू महासभा (सोर्स- सोशल मीडिया)
आगरा

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर अखिलेश की प्रतिक्रिया से बढ़ा विवाद, पोस्टर की जीभ काटकर जताया विरोध

Akhilesh Yadav Controversy: अखिलेश यादव के बयान के विरोध में हिंदू महासभा ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पोस्टर की जीभ काटकर विरोध जताया और सपा प्रमुख को 6 दिसंबर को मथुरा आने की चुनौती दी।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Highlights:

  • बाबा बागेश्वर के बयान पर सियासी संग्राम

  • आगरा में हिंदू महासभा का प्रदर्शन

  • अखिलेश यादव के पोस्टर की जीभ कैंची से काटकर जताया विरोध

  • सपा प्रमुख और पार्टी नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

Hindu Mahasabha Protest Against Akhilesh Yadav Agra: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आधिकारिक घोषणा भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन प्रदेश में सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब धार्मिक बयानबाजी को लेकर भी राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम को लेकर कथित टिप्पणियों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। इसी के विरोध में बुधवार को आगरा में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने यमुना किनारा रोड पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने अखिलेश यादव के पोस्टर की जीभ को कैंची से काटकर अपना विरोध जताया। इस दौरान संगठन के नेताओं ने सपा प्रमुख और उनकी पार्टी के नेताओं पर हिंदू धर्म, संस्कृति और देवी-देवताओं को लेकर कथित अभद्र टिप्पणियां करने के आरोप लगाए।

बाबा बागेश्वर के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथा वाचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम को लेकर की गई अपनी कथित टिप्पणियों के कारण चर्चा में हैं। पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण तो टेढ़े हैं, जबकि प्रभु श्रीराम सीधे हैं। इसके बाद प्रभु श्रीराम को लेकर उनके पांच-पांच पिता होने संबंधी दावे ने विवाद को और बढ़ा दिया।

इन टिप्पणियों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बाबा बागेश्वर के खिलाफ आवाज उठाई और सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा।

अखिलेश यादव के खिलाफ हिंदू महासभा का आक्रोश

अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के बाद हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए आगरा में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने कहा कि सपा प्रमुख को बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उस समय शर्म नहीं आई, जब उनके पिता के शासनकाल में राम भक्तों पर गोलियां चलवाई गई थीं। हिंदू महासभा ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख धार्मिक मामलों पर अपनी प्राथमिकता के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं।

गीता और हिंदू समाज पर टिप्पणियों को लेकर भी उठाए सवाल

हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता अवतार सिंह गिल और जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने भी सपा प्रमुख पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव उस समय चुप रहते हैं, जब उनकी पार्टी के नेता भगवत गीता और हिंदू समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं।

हिंदू महासभा के नेताओं ने डिंपल यादव को लेकर मौलाना द्वारा की गई कथित अश्लील टिप्पणी और सपा नेताओं की ओर से उनकी बेटी के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में सपा नेतृत्व की ओर से वैसी मुखर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई देती, जैसी बाबा बागेश्वर के बयान पर सामने आई है।

6 दिसंबर को मथुरा आने की चुनौती

प्रदर्शन के दौरान हिंदू महासभा के नेताओं ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह स्वयं को असली यदुवंशी मानते हैं तो 6 दिसंबर को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली पर आएं और वहां हथौड़ा चलाएं।

संगठन के नेताओं ने यह भी कहा कि यदि अखिलेश यादव अपनी पार्टी के नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हैं, तो हिंदू महासभा आगरा में बाबा बागेश्वर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से पीछे नहीं हटेगी।

हिंदू महासभा के नेताओं ने आरोप लगाया कि सपा के नेता लगातार हिंदू संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को लेकर अभद्र टिप्पणियां करते रहते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई प्रभावी प्रतिक्रिया सामने नहीं आती।

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले धार्मिक बयानों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक दलों और हिंदूवादी संगठनों के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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