UGC Rollback Movement: UGC Rollback को लेकर करणी सेना और सवर्ण समाज की ओर से शुरू हुआ आंदोलन अब दिल्ली से निकलकर गांव-देहात तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जोरदार प्रदर्शन के बाद अब इसकी गूंज ताजनगरी आगरा में भी सुनाई देने लगी है। मंगलवार को एत्मादपुर तहसील परिसर में UGC Rollback की मांग को लेकर पहुंचे सवर्ण समाज के लोगों और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर नोकझोंक हुई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कई बार प्रदर्शनकारी तथा पुलिस आमने-सामने आ गए।
बताया गया कि सवर्ण समाज से जुड़े युवा और अन्य लोग UGC Rollback की मांग को लेकर एत्मादपुर तहसील परिसर में पहुंचे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। भीड़ के उग्र होने के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
इसी दौरान एक पुलिसकर्मी जमीन पर गिर गया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने से माहौल और गरमा गया। लाठीचार्ज से प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामा बढ़ने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थिति कई बार ऐसी बनी कि प्रदर्शनकारियों के पथराव करने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि प्रदर्शन में मौजूद कुछ लोगों ने समझदारी दिखाते हुए भीड़ को शांत कराया और पथराव जैसी स्थिति को टालने का प्रयास किया।
घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कार्रवाई की मांग करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाई। साथ ही जिस पुलिसकर्मी पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया जा रहा है, उससे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की गई।
UGC Rollback को लेकर करणी सेना की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन के बाद आंदोलन का असर अब अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। जयपुर से आगरा होते हुए दिल्ली पहुंची रैली और जंतर-मंतर पर सवर्ण समाज के प्रदर्शन के बाद अब आगरा के एत्मादपुर में हुआ यह प्रदर्शन आंदोलन प्रशासन के लिए चेतावनी है। इससे पूर्व भी खेरागढ़ और शमशाबाद में भी आगरा में सवर्ण समाज के युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया है।
एत्मादपुर तहसील परिसर में हुए हंगामे के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने अब प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रण में रखने की चुनौती है। वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहे हैं।