Agra Tiranga Disrespect Case: स्वतंत्रता दिवस को लेकर आगरा में सैकड़ों लोगों ने तिरंगा यात्राएं निकालकर आजादी का जश्न मनाया था। सामाजिक संस्थाओं के साथ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी तिरंगा यात्राएं निकालीं। इसी बीच 13 अगस्त को सिकंदरा थाना क्षेत्र में नालियों और कूड़े के ढेर में कई तिरंगे पड़े मिलने का मामला सामने आया। अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताते हुए सिकंदरा थाने में तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं का दावा है कि एक व्यक्ति तिरंगे को कूड़े के ढेर में फेंकता हुआ सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, इस सीसीटीवी फुटेज समेत घटना से जुड़े विजुअल पुलिस को साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। इसी को लेकर हिंदू महासभा ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब कथित घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराया जा चुका है, तो आखिर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में क्या अड़चन है। हिंदू महासभा ने पुलिस-प्रशासन से दो टूक सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है, जिसके चलते राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं की गई।
मामले को लेकर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि तिरंगे को कूड़े में फेंकने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
इसी बीच हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को जानकारी हुई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मथुरा में दो दिन रहेंगे। कार्यकर्ताओं ने घोषणा की कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी उन्हें देंगे।
हिंदू महासभा के इस ऐलान के बाद पुलिस देर रात संगठन के पदाधिकारियों के घर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने हिंदू महासभा युवा जिलाध्यक्ष विशाल कुमार, महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर, जिलाध्यक्ष मीरा राठौर, प्रदेश प्रवक्ता अवतार सिंह गिल और मंडल अध्यक्ष मनीष पंडित को नजरबंद करने का प्रयास किया। विशाल कुमार और निशा ठाकुर घर पर मिल गए, जबकि मीरा राठौर, अवतार सिंह गिल, मनीष पंडित समेत कुछ अन्य कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर निकल गए।
अब आगरा पुलिस इन कार्यकर्ताओं की तलाश में जुटी है। वहीं हिंदू महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि वे हर हाल में मथुरा पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने "नव भारत" से बात करते हुए बताया कि जिस तिरंगे के लिए देश के क्रांतिकारियों ने अपनी जान तक कुर्बान कर दी और फांसी के फंदे को चूम लिया, आज उसी तिरंगे का कूड़े के ढेर और नालियों में मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगरा प्रशासन और पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने का प्रयास किया गया तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगी।
मीरा राठौर ने कहा कि वह अकेली नहीं हैं, बल्कि हिंदू महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी।
वहीं प्रदेश प्रवक्ता अवतार सिंह गिल ने कहा कि देश की आजादी के लिए हजारों क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया था। ऐसे में देश की आन-बान-शान तिरंगे का कूड़े के ढेर में मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस और प्रशासन की ऐसी कौन सी मजबूरी है, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो रही।
अवतार सिंह गिल ने कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया और कहा कि जिन लोगों ने तिरंगे को कूड़े में फेंका, उनके खिलाफ कार्रवाई के बजाय पुलिस उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने में जुटी है। नवभारत से बात करने के बाद मीरा राठौर और अवतार सिंह गिल बाइक से कहीं देहात की ओर चल दिए।
फिलहाल हिंदू महासभा के पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि मथुरा में मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी तो वे लखनऊ कूच करेंगे। दूसरी ओर पुलिस की ओर से मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने और हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को नजरबंद किए जाने के आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।