Inspection Is Essential Before Installing Solar Panels: आपके गांव, मुहल्ले में घरों की छतों पर लगने वाले सोलर की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लुभावने ऑफर से लोग अपने घरों और दफ्तरों के लिए सोलर पैनल लगवाने की सोच रहे हैं। बिजली के बढ़ते बिल से राहत पाने और लंबे समय तक बचत करने के लिए सोलर पैनल सबसे सटीक उपाय है। सरकार भी ऊर्जा की बढ़ती खपत को पूरा करने के लिहाज से जनता को सब्सिडी देकर जनता को राहत दे रही है। इससे बड़ी संख्या में लोग घरों की छत पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं।
सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी और सोलर सिस्टम की घटती लागत ने भी लोगों की तरफ अपना ध्यान खींचा है। सोलर पैनल लगवाने की जल्दबाजी में अगर आपने जरूरी दस्तावेज और भुगतान से जुड़ी शर्तों की जांच नहीं की, तो आपका पैसा डूब सकता है।
इसलिए जरूरी है कि अपने घरों या दफ्तरों में सोलर सिस्टम लगवाने से पहले आप जिस भी कंपनी या विक्रेता से सोलर सिस्टम खरीद रहे हैं, उसकी पूरी जांच करलें। केवल मौखिक आश्वासन या सोशल मीडिया पर दिखाए गए विज्ञापन के आधार पर पहले पैसे के भुगतान से बचें।
अगर आप अपने घर या दफ्तर के लिए सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे है तो सबसे पहले कंपनी या विक्रेता से कोटेशन/प्रोफार्मा इनवॉइस मांगे। ध्यान दें इस कोटेशन में सोलर पैनल, इनवर्टर, स्ट्रक्चर, वायरिंग, इंस्टॉलेशन और अन्य सामान की कीमत का विवरण उपलब्ध हो। इसके अलावा कंपनी के GST बिल, कंपनी का नाम और बैंक खाते की सही जानकारी जरूर मिलाएं।
अगर आप सरकार के द्वारा दिए जाने वाले सब्सिडी योजना के तहत सोलर लगवा रहे हैं तो योजना के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन और आवेदन से जुड़े सभी दस्तावेज जांचें। कंपनी से इंस्टॉलेशन के बाद मिलने वाली वारंटी, AMC और सर्विस की शर्तें लिखित रूप में लें। पैनल और इनवर्टर की वारंटी अलग-अलग हो सकती है, इसलिए इसकी अवधि और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
भुगतान से पहले कंपनी से यह भी स्पष्ट कर लें कि नेट मीटरिंग, डिस्कॉम से जुड़ी प्रक्रिया और इंस्टॉलेशन की जिम्मेदारी किसकी होगी। कई बार ऐसा होता है कि इंस्टॉलेशन के बाद अतिरिक्त भुगतान की डिमांड की जाती है कंपनी के द्वारा कहा जाता मैकैनिक का भुगतान आप करेंगे। साथ ही भुगतान हमेशा कंपनी के आधिकारिक बैंक खाते में करें और हर भुगतान की रसीद संभालकर रखें।
जब आप सोलर पैनल लगवाने का मन बना लें तो बिना दस्तावेज जांचे भारी एडवांस देने की गलती न करें। यदि कंपनी बदल जाए, इंस्टॉलेशन में देरी हो या सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी न हो पाए, तो बाद में पैसा वापस लेना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए सोलर पैनल लगवाने से पहले दस्तावेज जांचें, लिखित शर्तें लें और उसके बाद ही भुगतान करें। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी आर्थिक परेशानी से बचा सकती है।