Big News Regarding FASTag: FASTag से जुड़ी खबर आपके काम की हो सकती है। आप या आपके फैमली का कोई सदस्य दिव्यांगता की श्रेणी में आता हैं या किसी दिव्यांग के नाम पर पंजीकृत वाहन का प्रयोग करते हैं, तो FASTag से जुड़ी यह जानकारी आपके लिए अहम है।
हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दिव्यांग लोगों के लिए छूट वाले FASTag के नियमों में बदलाव किया है। इस बदलाव के अनुसार अब हर साल FASTag को रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी।
मंत्रालय की तरफ से जारी नए नियमों के अनुसार कुछ पात्र लोगों को छूट वाला FASTag 3 साल, जबकि कुछ लोगों को 5 साल तक वैध मिलेगा। हालांकि, छूट का लाभ मौजूदा पात्रता और टोल नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
जारी नए नियम के अनुसार 70% से 100% तक विकलांगता दर्ज होने पर छूट वाला FASTag 5 साल तक वैध रहेगा। तो वहीं 40% से 70% से कम विकलांगता वाले पात्र लोगों का FASTag 3 साल तक होगी।
पहले ऐसे FASTag के लिए हर साल रिन्यूअल कराना जरूरी था। लेकिन अब FASTag की वैधता विकलांगता के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज प्रतिशत के आधार पर तय होगी। यानी अब तय वैधता खत्म होने के बाद पात्रता बनी रहने पर FASTag को दोबारा रिन्यूअल कराया जा सकता है।
छूट वाला FASTag पाने के लिए विकलांगता से जुड़े वैध दस्तावेज जरूरी होंगे। इसके लिए इनमें से लागू दस्तावेज का इस्तेमाल किया जा सकता है।
वैध विकलांगता प्रमाण पत्र
UDID कार्ड (Unique Disability ID)
अन्य मान्य सरकारी रिकॉर्ड, जिसमें व्यक्ति के विकलांगता का प्रतिशत दर्ज हो
क्या टोल टैक्स नहीं देना होगा?
FASTag की 3 या 5 साल की वैधता होने का मतलब यह नहीं है कि पात्र व्यक्ति को इस पूरी अवधि में टोल टैक्स से 3 या 5 साल की पूरी छूट मिल जाएगी। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि पात्र व्यक्ति को हर साल छूट वाले FASTag का रिन्यूअल नहीं कराना पड़ेगा। टोल टैक्स में मिलने वाली छूट राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 के तहत लागू नियमों के मुताबिक ही मिलेगी।