Free Kids Aadhaar Update: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने बच्चों के आधार को लेकर एक अहम फैसला लिया है। अगर आपके बच्चे की उम्र पंद्रह से सत्रह साल के बीच है तो उनका बायोमेट्रिक अपडेट कराएं। ऐसा नहीं करने पर बच्चों का महत्वपूर्ण आधार नंबर पूरी तरह से डिएक्टिवेट किया जा सकता है। यह बच्चों के भविष्य और उनकी सरकारी सुविधाओं को सुरक्षित बनाने के लिए एक बेहद जरूरी कदम है। आधार कार्ड डिएक्टिवेट होने पर बच्चों को स्कूलों और महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। यह अनिवार्य प्रक्रिया मुफ्त है और इसे किसी भी नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर पूरा करा सकते हैं।
UIDAI द्वारा देश भर में बच्चों के आधार कार्ड को लेकर एक बहुत ही विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अभियान का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों के आधार रिकॉर्ड की समीक्षा करना है जिनकी आयु पूरी हो गई है। अब सात और सत्रह साल की आयु वाले बच्चों के लिए अपना जरूरी बायोमेट्रिक डेटा तुरंत अपडेट करना अनिवार्य है। यह पूरी प्रक्रिया सभी मान्यता प्राप्त आधार सेवा केंद्रों पर एकदम निःशुल्क तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है।
भारत में आधार के मौजूदा नियमों के अनुसार बच्चों के आधार कार्ड में दो बार बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी है। पहला अपडेट पांच साल की उम्र पूरी होने पर और दूसरा पंद्रह साल की उम्र में कराया जाना चाहिए। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बच्चों के फिंगरप्रिंट, आंखों का आईरिस स्कैन और एक नई फोटो डेटाबेस में दर्ज होती है। यह विशेष सरकारी सुविधा तीस सितंबर 2026 तक सभी योग्य बच्चों के लिए पूरी तरह से मुफ्त रखी गई है।
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अगर तय उम्र सीमा के भीतर यह जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होता है तो बच्चे का आधार डिएक्टिवेट हो सकता है। आधार के डिएक्टिवेट होने से बच्चों को मिलने वाली सरकारी स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर रुक सकता है। इसके अलावा स्कूलों में नया एडमिशन लेते समय भी बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी अभिभावकों को बिना कोई समय बर्बाद किए जल्द ही यह जरूरी प्रक्रिया पूरी करवा लेनी चाहिए।