क्या है अटल पेंशन योजना और किसे मिलेगा लाभ?
कितनी उम्र में खुलवा सकते हैं खाता?
हर महीने कितने रुपये जमा करने होंगे?
60 साल के बाद कितनी मिलेगी पेंशन?
अटल पेंशन योजना के लिए क्या हैं जरूरी नियम?
How Much Pension Will You Receive? Who Can Avail Of The Benefits?: नौकरी के बाद बुढ़ापे में कौन सहारा बनेगा? इसको लेकर एक सवाल मन में बना रहता है। बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी के लिए पेंशन सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। पेंशन बुढ़ापे की बैशाखी होती है। बिना इसके बुढ़ापे का जीवन मनचाहा सा नहीं गुजरता है।
नौकरी करते हुए छोटी सी धनराशि अगर हम बचा के भविष्य और बुढ़ापे के लिए निवेश करते है तो सभी के लिए जीवन का अंतिम दौर सुरक्षित गुजरता है। इसको लेकर सरकार भी एक योजना का क्रियान्वयन की है जिसका नाम है अटल पेंशन योजना।
यह योजना भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा और पेंशन योजना है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों, छोटे कारोबारियों, मजदूरों और सामान्य नागरिकों को बुढ़ापे में नियमित आमदनी उपलब्ध कराना है।
अटल पेंशन योजना में व्यक्ति 18 से 40 वर्ष की उम्र के बीच खाता खुलवा सकता है और उस खाते में 60 वर्ष की उम्र तक नियमित अंशदान करता है। इसके बाद उसे जीवनभर हर महीने ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड न्यूनतम पेंशन मिलती है।
1 जून,2015 को केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना की शुरुआत की थी। अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे मुख्य रूप से देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। यह योजना योजना वित्त मंत्रालय के अधीन है।
योजना पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित होती है। इस योजना का उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा देना और असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन के दायरे में लाना है। यह योजना पहले सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने की सुविधा देती है, ताकि 60 साल के बाद व्यक्ति को नियमित आय मिल सके।
भारत का कोई भी नागरिक एपीवाई योजना में शामिल हो सकता है। इसके लिए पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं। अभिदाता की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसके पास एक बचत बैंक खाता/डाकघर बचत बैंक खाता होना चाहिए। योजना का लाभ लेने वाले व्यक्ति का खाता आधार नंबर से जुड़ा होना चाहिए और खाते में मोबाइल नंबर भी जुड़ा होना चाहिए। आवेदक 1 अक्टूबर 2022 से लागू नियम के अनुसार आयकरदाता नहीं होना चाहिए। एक व्यक्ति केवल एक APY खाता खुलवा सकता है।
APY खाता खुलावाने के साथ यह जरुरी है कि आप किस उम्र में योजना से जुड़ते हैं और कितनी पेंशन चाहते हैं। जितनी कम उम्र में खाता खुलवाएंगे, उतना कम मासिक अंशदान करना होगा। समझने के लिए एक नीचे एक आकड़ा दिया गया है।
| खाता खुलवाने की उम्र | ₹1,000 पेंशन | ₹2,000 पेंशन | ₹3,000 पेंशन | ₹4,000 पेंशन | ₹5,000 पेंशन |
| 18 साल | 42 | 84 | 126 | 168 | 210 |
| 25 साल | 76 | 151 | 226 | 301 | 376 |
| 30 साल | 116 | 231 | 347 | 462 | 577 |
| 35 साल | 181 | 362 | 543 | 722 | 902 |
| 40 साल | 291 | 582 | 873 | 1164 | 1454 |
कोई भी व्यक्ति अगर अटल पेंशन योजना की शुरुआत करता है तो यह योजना जीवन के साथ भी जीवन के बाद भी के फार्मूले पर काम करती है। इस योजना के लाभ को आप समझें।
पहला लाभ–खाताधारक को पेंशन
60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर चुने गए विकल्प के अनुसार ₹1,000 से ₹5,000 तक हर महीने पेंशन मिलेगी। यह पेंशन खाताधारक की मृत्यु तक जारी रहेगी।
दूसरा लाभ–पति या पत्नी को पेंशन
यदि पेंशन प्राप्त कर रहे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति या पत्नी को वही मासिक पेंशन जीवनभर मिलती रहेगी।
तीसरा लाभ–नॉमिनी को पैसा
पति और पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद नॉमिनी को योजना में निर्धारित पेंशन संपत्ति वापस मिलती है।
अटल पेंशन योजना में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन किया जा सकता है।
अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाएं, जहां आपका बचत खाता है।
अटल पेंशन योजना का रजिस्ट्रेशन फॉर्म मांगें।
अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें।
पेंशन की राशि चुनें।
नॉमिनी और पति या पत्नी का विवरण दें।
ऑटो-डेबिट की सहमति दें।
फॉर्म जमा करने के बाद बैंक से रजिस्ट्रेशन की पुष्टि प्राप्त करें।
अटल पेंशन योजना के लाभ के लिए फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर eAPY पर जाकर सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
आवेदन के लिए सामान्यतः बैंक खाता, आधार और मोबाइल नंबर की जानकारी उपयोगी होती है। नॉमिनी का विवरण देना अनिवार्य है।
कुछ शर्तों के तहत 60 साल से पहले स्वैच्छिक निकासी की अनुमति है। स्वैच्छिक निकासी की स्थिति में खाताधारक को अपने योगदान और उस पर अर्जित वास्तविक शुद्ध आय (खाते के रखरखाव शुल्क घटाकर) वापस मिलती है।
हालांकि, पुराने पात्र सरकारी सह-अंशदान वाले खातों में सरकार का योगदान और उस पर अर्जित आय वापस नहीं मिलती।
यदि 60 साल से पहले खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति या पत्नी के पास दो विकल्प होते हैं:
शेष अवधि तक अंशदान जारी रखकर 60 वर्ष की मूल निर्धारित उम्र के बाद पेंशन प्राप्त करना।
जमा हुई पेंशन संपत्ति को वापस लेना।
यदि खाताधारक और उसके जीवनसाथी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को निर्धारित पेंशन संपत्ति मिलती है।
हां। केंद्र सरकार या राज्य सरकार के कर्मचारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारी और NPS सब्सक्राइबर भी APY में शामिल हो सकते हैं, बशर्ते वे पात्रता की बाकी शर्तें पूरी करते हों। लेकिन आयकरदाता होने पर नया APY खाता नहीं खुलवा सकते हैं।
अटल पेंशन योजना में निवेश आपकी जरूरत और आर्थिक जरुरत पर निर्भर करता है।
यदि आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और बुढ़ापे के लिए निश्चित पेंशन चाहते हैं, तो यह योजना उपयोगी हो सकती है।
यदि आपकी आमदनी कम है और आप छोटी रकम से रिटायरमेंट की तैयारी करना चाहते हैं, तो भी यह एक विकल्प है।
यदि आप महंगाई के अनुसार बढ़ने वाली पेंशन चाहते हैं, तो अकेले इस योजना पर निर्भर रहना उचित नहीं होगा।