Highlight:
सैम ऑल्टमैन का RAM वाला बयान इन दिनों लगाता वायरल हो रहा है।
उन्होंने अपने X अकाउंट का डिस्प्ले नाम बदलकर Ram Altman कर लिया है।
कई लोगों ने भगवान राम से जोड़ते हुए उन्हें Happy Diwali की शुभकामनाएं दीं।
Sam Altman RAM Controversy: OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन इन दिनों अपने AI प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ कंप्यूटर की RAM को लेकर दिए गए एक बयान की वजह से भी चर्चा में हैं। बता दें कि सोशल मीडिया पर आलोचना के बीच उन्होंने अपने X अकाउंट का डिस्प्ले नाम बदलकर Ram Altman कर लिया है। इसके बाद भारतीय यूजर्स ने भी इस नाम को लेकर मजेदार पोस्ट शेयर करने शुरू कर दिए। कई लोगों ने भगवान राम से जोड़ते हुए उन्हें Happy Diwali की शुभकामनाएं दीं। लेकिन इस पूरे मामले की शुरुआत एक पॉडकास्ट में कंप्यूटर मेमोरी को लेकर हुई बहस से हुई थी।
29 अक्टूबर को प्रकाशित Cheeky Pint पॉडकास्ट में सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि दुनिया में DRAM की सप्लाई सीमित है। ऐसे में बड़ी मात्रा में मेमोरी का पर्सनल कंप्यूटर में मौजूद रहना जबकि उसका इस्तेमाल काफी कम समय के लिए होता है संसाधनों के इस्तेमाल के लिहाज से सही नहीं है।
साथ ही DRAM कंप्यूटर की वह मेमोरी है जिसमें काम करते समय डेटा अस्थायी रूप से स्टोर होता है। इसे आमतौर पर RAM कहा जाता है। ऑल्टमैन का तर्क था कि क्लाउड डेटा सेंटर में एक ही मेमोरी संसाधन का इस्तेमाल अलग-अलग यूजर्स की जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इसलिए सीमित सप्लाई के दौर में वहां मेमोरी का उपयोग ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
उनके बयान को लेकर आलोचना बढ़ने के बाद एक यूजर ने उनसे X पर अपना नाम Ram Altman करने को कहा। ऑल्टमैन ने इस सुझाव को स्वीकार कर लिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि दुनिया में पर्याप्त मेमोरी बने और लोग अपने कंप्यूटर में जितनी चाहें उतनी RAM लगा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया और वह लंबे समय से दुनिया में मेमोरी प्रोडक्शन बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। इसके बाद भारतीय यूजर्स ने Ram Altman नाम को दिवाली के मौके से जोड़कर मीम्स और शुभकामना संदेश शेयर किए।
इस विवाद में टेस्ला के CEO एलन मस्क की भी एंट्री हुई। उन्होंने X पर ऑल्टमैन का नाम लिए बिना लिखा, "The people deserve to have their RAM too!" उनके इस पोस्ट को भी ऑल्टमैन के बयान पर तंज के तौर पर देखा गया।
यह बहस ऐसे समय में हो रही है जब AI डेटा सेंटर को बड़ी मात्रा में मेमोरी की जरूरत पड़ रही है। इससे कंप्यूटर मेमोरी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है। ऑल्टमैन ने भी माना कि मेमोरी की सप्लाई और कीमतों की समस्या बनी हुई है। ऐसे में असली सवाल यह है कि बढ़ती AI जरूरतों और आम यूजर्स की कंप्यूटिंग जरूरतों के बीच सीमित मेमोरी का बंटवारा कैसे होगा।