

Highlight:
सैम ऑल्टमैन को यूट्यूबर राज शमानी के शो Figuring Out शो में देखा गया।
68 मिनट के इंटरव्यू में भारत में AI की बढ़ती लोकप्रियता जैसे मुद्दों पर बात की गई।
ऑल्टमैन ने ChatGPT की लॉन्चिंग पर लोगों की राय के बारे में भी बताया।
ChatGPT Biggest Market India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में भारत तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। जिसमें अब OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी माना है कि ChatGPT के लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। जिसको लेकर मंगलवार 3 नवंबर को यूट्यूबर और पॉडकास्टर राज शमानी के शो Figuring Out में सैम ऑल्टमैन की खास बातचीत करते हुए कई बातों पर रोशनी डाली है। इस करीब 68 मिनट के इंटरव्यू में उन्होंने भारत में AI की बढ़ती लोकप्रियता से लेकर ChatGPT की लॉन्चिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बदलते स्वरूप तक कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
राज शमानी के साथ बातचीत में सैम ऑल्टमैन ने भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत की तारीफ की है। उन्होंने बताया कि ChatGPT के यूजर्स के मामले में भारत अब अमेरिका से भी आगे निकल चुका है। उनके कहा कि भारत में AI को लेकर जिस तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है वह कई विकसित पश्चिमी देशों की तुलना में ज्यादा है।
वहीं ऑल्टमैन ने इसकी एक वजह तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और देश में मौजूद सेवाओं की मांग को बताया है। उनके अनुसार, भारत सिर्फ AI इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है बल्कि आने वाले समय में इस तकनीक की दिशा तय करने में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
इस इंटरव्यू में ऑल्टमैन ने ChatGPT की शुरुआती लॉन्चिंग के दिनों को भी याद करते हुए बात की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि जब OpenAI ने इसे दुनिया के सामने पेश करने का फैसला किया तब कई लोगों को लगता था कि यह तकनीक अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। वहीं ज्यादातर लोगों की राय थी कि इसे लॉन्च करना जल्दबाजी होगी। लेकिन ऑल्टमैन ने जोखिम उठाने का फैसला किया। जिसके बाद आज पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि उस समय मिली आलोचनाओं और संदेह का और मजबूती से सामना करना चाहिए था।
सैम ऑल्टमैन ने बातचीत में आगे कहा कि किसी नए विचार को शुरुआत में स्वीकार्यता नहीं मिलना असामान्य नहीं है। टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई बड़े बदलाव ऐसे ही संदेह के बीच शुरू हुए हैं। उन्होंने यह भी माना कि अपने फैसलों पर सवाल उठाने वाले लोगों की मौजूदगी जरूरी है। लेकिन आलोचना के डर से बड़े लक्ष्य छोड़ देना सही नहीं होता है। किसी विचार पर काम करते समय सही दिशा और लगातार सीखते रहने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है।
ऑल्टमैन ने AI मॉडल्स के विकास पर बात करते हुए बताया कि पहले कई विशेषज्ञ मानते थे कि AI उतना ही काम कर सकता है जितना उसे ट्रेनिंग के दौरान सिखाया गया है। उससे नए निष्कर्ष निकालने या अलग तरह की समस्याओं को हल करने की उम्मीद नहीं की जा सकती थी।
लेकिन बेहतर मॉडल और अधिक कंप्यूटिंग संसाधनों के साथ AI की क्षमताएं तेजी से बढ़ीं है। जिसके बाद अब ये मॉडल सिर्फ सीखी हुई जानकारी दोहराने तक सीमित नहीं हैं बल्कि जटिल सवालों पर तर्क करने और समस्याओं के समाधान खोजने में भी सक्षम हो रहे हैं। ऑल्टमैन ने इसको लेकर बताया कि AI का यह विकास तकनीक की दुनिया के लिए बेहद चौंकाने वाला रहा है।