Apple iPhone: भारत में बने Apple iPhone की डिमांड अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। साल 2017 से भारत में iPhone का निर्माण शुरू हुआ था और अब 2025 की पहली छमाही में Apple ने भारत में रिकॉर्ड iPhone प्रोडक्शन कर उसे दुनिया के कई देशों में निर्यात किया है।
मार्केट रिसर्च एजेंसी Canalys की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून 2025 के बीच Apple ने भारत में iPhone उत्पादन में 53% की बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान कुल 23.9 मिलियन यूनिट्स बनाए गए। यह संख्या न केवल Apple की भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कंपनी अब चीन पर निर्भरता घटा रही है।
साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की मानें तो 2025 की पहली छमाही में Apple ने 22.88 मिलियन यूनिट्स iPhone निर्यात किए, जो पिछले साल की तुलना में 52% ज्यादा हैं। कीमत के लिहाज से, Apple ने इस अवधि में भारत से 22.56 बिलियन डॉलर के iPhones एक्सपोर्ट किए, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 14.71 बिलियन डॉलर था।
Apple के भारत में iPhone उत्पादन में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह चीन और अमेरिका के बीच जारी टैरिफ वॉर को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2025 के बाद से अमेरिका में बिकने वाले अधिकांश iPhone अब भारत से एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर में लॉन्च होने वाले iPhone 17 की तैयारी भी जोरों पर है। तमिलनाडु स्थित Foxconn प्लांट में iPhone 17 के पार्ट्स पहुंचने शुरू हो गए हैं। Foxconn के साथ-साथ Tata Electronics भी Apple के लिए भारत में प्रमुख मैन्युफैक्चरर के रूप में काम कर रहा है। गौरतलब है कि Tata Electronics ने हाल ही में विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के भारतीय प्लांट्स की जिम्मेदारी भी संभाली है।
भारत में iPhone निर्माण न केवल देश की तकनीकी प्रगति का संकेत है, बल्कि यह विदेशी निवेश और रोजगार के अवसरों के लिहाज से भी एक बड़ा कदम है। Apple जैसी वैश्विक कंपनी का भारत पर विश्वास, देश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।