

Pune Students Drown In Diveagar: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक दुर्घटना सामने आई है। प्रसिद्ध दिवेआगर समुद्र तट पर घूमने आए छात्रों का एक समूह समुद्र की तेज लहरों की चपेट में आ गया, जिससे पुणे के आलंदी क्षेत्र के 8 छात्रों की डूबने से मौत हो गई।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार को उस समय हुआ जब एक प्राइवेट कोचिंग क्लास के टूर के सिलसिले में छात्र दिवेआगर पहुंचे थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके और मृत छात्रों के परिवारों में मातम छा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुणे जिले के आलंदी स्थित संस्थान से छात्र दिवेआगर बीच पर एक एक्सकर्शन ट्रिप के लिए आए थे। समुद्र तट पर पहुंचने के बाद छात्र नहाने के लिए पानी में उतरे। हालांकि, बाहर से आए इन छात्रों को समुद्र की वास्तविक गहराई, पानी के बदलते स्तर और तेज लहरों का सही अंदाजा नहीं था।
समुद्र में नहाते समय अचानक उठीं तेज और विकराल लहरों ने छात्रों को अपनी चपेट में ले लिया। पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण छात्र खुद को संभाल नहीं सके और समुद्र में डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और तटीय क्षेत्र में तैनात राहत दल ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 'महाकाली वॉटर स्पोर्ट्स' के कर्मचारियों, स्थानीय निवासियों और वहां मौजूद पर्यटकों ने मिलकर तत्परता से राहत कार्य चलाया। काफी मशक्कत के बाद समुद्र से आठों छात्रों के शवों को बाहर निकाला गया।
इसके बाद सभी शवों को आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के लिए बोर्ली पंचतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। इसके साथ ही, हादसे के वास्तविक कारणों को समझने के लिए ग्रुप के शिक्षकों और अन्य छात्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने घटना का तुरंत संज्ञान लिया और रायगढ़ के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर स्थिति की पूरी समीक्षा की। उन्होंने प्रशासन को बचाव एवं राहत कार्यों में तेजी लाने तथा स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता प्रदान करने के आदेश दिए।
दूसरी ओर, मंत्री अदिति तटकरे ने भी इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावितों के संपर्क में है और आवश्यकतानुसार चिकित्सा सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मानसून और तटीय स्थितियों को देखते हुए शैक्षणिक व निजी यात्राओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने का आह्वान किया।