मोबाइल का डाटा चोरी। इमेज-एआई 
टेक्नॉलजी

आपके भी फोन की जासूसी तो नहीं हो रही? सैमसंग पर इजरायली स्पाइवेयर से जासूसी का आरोप

Phone Spying: सैमसंग फोन में स्पाइवेयर इंस्टॉल करता है? क्या इससे यूजर की प्राइवेसी और डेटा खतरे में है? इंटरनेट पर ऐसी चर्चा हो रही है। यह पूरा मामला क्या और इसमें कितनी सच्चाई है, इसमें समझते हैं।

रंजन कुमार

Appcloud Spyware Kya Hai: इंटरनेट की दुनिया में भूचाल आया है। सैमसंग पर आरोप लग रहे कि वह गैलेक्सी फोन में इजरायली स्पाइवेयर इंस्टॉल करता है, जिसे हटाया नहीं जा सकता। बता दें, दुनियाभर में बड़ी संख्या में सैमसंग फोन इस्तेमाल होते हैं।

अब स्मार्टफोन यूजर परेशान हैं कि क्या उनका फोन और डेटा खतरे में है? पूरा विवाद AppCloud नाम की ऐप से है। यह मार्केटिंग ऐप है, जो सैमसंग के मोबाइल में वर्षों से दिख रहा है। इस ऐप पर सवाल उठ रहे कि क्या यह सिर्फ मार्केटिंग ऐप है? यदि हां तो फिर स्मार्टफोन यूजर इसे डिलीट क्यों नहीं कर सकता?

मार्केटिंग ऐप है App Cloud

App Cloud मार्केटिंग ऐप है, जो सैमसंग गैलेक्सी स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल्ड आता है। यह ऐप यूजर को दूसरे ऐप इंस्टॉल करने को प्रमोट करता है। कुल मिलाकर यह मार्केटिंग टूल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऐप को इजरायल की ironSource कंपनी ने बनाया है। यह अमेरिकी कंपनी Unity का हिस्सा है। इस ऐप को लेकर विवाद है कि न तो इस ऐप को बाकी ऐप की तरह आसानी से फोन में दिखता है। न इसे अनइंस्टॉल किया जा सकता है। इसे फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम में इस तरह से इंटीग्रेट किया गया कि इसे नॉर्मल ऐप की तरह फोन से डिलीट नहीं किया जा सकता। एसएमईएक्स नाम की एक संस्था ने सैमसंग को खुला पत्र लिखकर इस फोर्सड ब्लोटवेयर को डिलीट करने के लिए कहा है। संस्था का दावा है कि इस ऐप को भले डिसेबल किया जाए, लेकिन सिस्टम अपडेट के बाद यह फिर इनेबल हो जाता है।

AppCloud क्या स्पाइवेयर है?

आसान शब्दों में कहे तो नहीं। यह नेशन स्टेट स्पाइवेयर नहीं है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट पर किए जा रहे उन दावों में दम नहीं है कि यह इजरायली सरकार के लिए डेटा इकट्ठा करती है। यह सिर्फ मार्केटिंग ऐप है। इसके अलावा लंबे समय से गैलेक्सी फोन में मौजूद है। ऐसे में सैमसंग यूजर को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फोन में ऐसे ऐप्स होने चाहिए, जिन्हें डिलीट न किया जा सके।

एप को लेकर क्या समस्या?

ऐप को लेकर समस्या यह नहीं है कि वो स्पाइवेयर है। असल समस्या है कि फोन में प्री-इंस्टॉल्ड ऐप नहीं आने चाहिए। आते हैं तो उन्हें आसानी से डिलीट का ऑप्शन यूजर को मिलना चाहिए। AppCloud को लेकर साफ नहीं है कि वह क्या डेटा इक्ट्ठा करता है, जो ट्रांसपेरेंसी को लेकर चिंता का विषय है। इस तरह के ऐप का फोन में होना सही नहीं लगता है। ऐसे ऐप को बिना रूट एक्सेस के फोन से हटाना मुश्किल है। वहीं आप फोन को रूट करते हैं तो उसकी वारंटी खत्म हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि कंपनी फोन में ऐसे ऐप को डिलीट करने का ऑप्शन दे। इसके बाद यूजर चाहे तो इसे फोन में रखे या हटा दे।

यह भी पढ़ें:

क्या करें यूजर?

सैमसंग यूजर को परेशान होने की जरूरत नहीं है। AppCloud स्पाइवेयर नहीं है। आप सेटिंग्स में जाकर इस ऐप को डिलीट नहीं तो डिसेबल कर सकते हैं। इसके नोटिफिकेशन को भी ऑफ कर सकते हैं। फिलहाल जिस तरह से इस ऐप की चर्चा इंटरनेट पर हो रही, उसे देखते हुए हो सकता है कि कंपनी इसे डिलीट करने का ऑप्शन जल्द उपलब्ध कराए।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में

RSS-ISI सीक्रेट मीटिंग! आंबेडकर ने PM मोदी और भागवत से पूछे सवाल, कोलंबो बैठक के 4 मुद्दों के खुलासे की मांग

असम बाढ़ पर CM हिमंता की वित्त मंत्री से अहम मुलाकात, निर्मला सीतारमण ने दिया केंद्र के सहयोग का भरोसा

Japan Delegation Varanasi: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा काशी, निवेश और संस्कृति को मिलेगी नई उड़ान