China AI Rules: आज AI सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी खोजने का जरिया नहीं रह गया है। बता दें कि कई लोग ऐसे AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल बातचीत, भावनात्मक सपोर्ट और साथ के लिए भी कर रहे हैं। इसी बढ़ते चलन को देखते हुए चीन ने इंसानों की तरह बातचीत करने वाले AI पर नए नियम लागू किए हैं। जिसमें AI चैटबॉट से जुड़े ये नियम 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हैं और खास तौर पर इमोशनल डिपेंडेंसी, बच्चों की सुरक्षा और यूजर की जागरूकता पर जोर देते हैं।
चीन के नए नियम मुख्य रूप से उन AI सेवाओं पर लागू होते हैं, जो इंसानी व्यक्तित्व, सोचने के तरीके और बातचीत की शैली की नकल करते हुए लगातार भावनात्मक बातचीत करती हैं। सामान्य चैटबॉट, जैसे केवल सवाल-जवाब, पढ़ाई या काम में मदद करने वाली सेवाएं, इस नियम के दायरे में नहीं आतीं, अगर उनमें लगातार भावनात्मक इंटरैक्शन शामिल नहीं है।
वहीं नियम बताते है कि AI सर्विस को यूजर को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वह इंसान नहीं बल्कि AI से बातचीत कर रहा है। ऐसे में अगर कोई यूजर लगातार दो घंटे से ज्यादा ऐसी सेवा इस्तेमाल करता है तो उसे इस्तेमाल का समय याद दिलाने वाला नोटिफिकेशन या मैसेज देना होगा।
नए नियमों में AI कंपनियों को यूजर में अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता या लत बढ़ाने वाले व्यवहार से रोकने की कोशिश की गई है। कंपनियां अपनी सेवा का उद्देश्य सामाजिक रिश्तों की जगह लेना, यूजर के मनोविज्ञान को नियंत्रित करना या उसे भावनात्मक रूप से निर्भर बनाना नहीं रख सकतीं। वहीं AI को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने, संकेत देने या ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देने से भी रोकना होगा। अत्यधिक निर्भरता या गंभीर भावनात्मक स्थिति के संकेत मिलने पर सेवा को उचित चेतावनी और सहायता संबंधी प्रतिक्रिया देनी होगी।
बताया जा रहा है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वर्चुअल पार्टनर या वर्चुअल करीबी रिश्ते वाली सेवाएं देने पर रोक है। वहीं 14 साल से कम उम्र के बच्चों को अन्य तरह की मानवीय-शैली वाली AI सेवाएं देने के लिए माता-पिता या अभिभावक की मंजूरी जरूरी है। साथ ही AI कंपनियों को बच्चों के लिए अलग मोड, इस्तेमाल की समय-सीमा और अभिभावकों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी।
नियमों का गंभीर उल्लंघन होने पर कंपनियों को सेवा रोकने के साथ जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। आधिकारिक नियमों के अनुसार सामान्य मामलों में 1 लाख युआन तक और नागरिकों की जीवन-स्वास्थ्य सुरक्षा को नुकसान पहुंचने वाले मामलों में 2 लाख युआन तक जुर्माना लगाया जा सकता है। AI companionship पर हुई हालिया रिसर्च भी इस बहस को दिलचस्प बनाती है। कुछ अध्ययनों में अकेलेपन और AI companionship के बीच संबंध मिला है जबकि दूसरी रिसर्च में AI चैटबॉट से बातचीत के कुछ सकारात्मक प्रभाव भी सामने आए हैं। इसलिए अभी के लिए वैज्ञानिक तस्वीर एकतरफा नहीं है।