Highlight:
फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, नकली वेबसाइट और अकाउंट हैकिंग जैसे खतरे बढ़ रहे है।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखना सही होगा।
किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN या पासवर्ड न बताएं।
अनजान लिंक से मिली APK फाइल इंस्टॉल करने से बचें।
डिजिटल सुरक्षा बेहतर हो सकती है पर ऑनलाइन खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
Ways To Avoid Online Fraud: आज के समय में मोबाइल, ईमेल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इनके बढ़ते इस्तेमाल के साथ फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, नकली वेबसाइट और अकाउंट हैकिंग जैसे खतरे भी सामने आते रहते हैं। ऐसे में अपनी डिजिटल लाइफ को सुरक्षित रखने के लिए बड़े तकनीकी बदलावों की जरूरत नहीं है। कुछ आसान सिक्योरिटी सेटिंग्स और आदतें आपको ऑनलाइन ठगी के जोखिम से बचाने में मदद कर सकती हैं। बता दें कि भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In भी यूजर्स को मजबूत पासवर्ड, नियमित अपडेट और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की सलाह देती है।
अगर आप ईमेल, सोशल मीडिया और दूसरी वेबसाइटों पर एक ही पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं तो एक अकाउंट का पासवर्ड लीक होने पर दूसरे अकाउंट भी खतरे में पड़ सकते हैं। इसलिए हर सेवा के लिए अलग पासवर्ड बनाएं। उन्हें याद रखने में परेशानी हो तो भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर की मदद ले सकते हैं। जहां सुविधा उपलब्ध हो वहां पासकी का विकल्प भी इस्तेमाल करें। वहीं पासकी फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या डिवाइस के स्क्रीन लॉक से लॉगिन करने देती है।
सिर्फ पासवर्ड के भरोसे अपने अकाउंट न छोड़ें। टू-स्टेप वेरिफिकेशन या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करने से लॉगिन के समय पहचान की एक अतिरिक्त जांच होती है। इससे किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अकाउंट में घुसना मुश्किल हो सकता है भले ही उसे आपका पासवर्ड पता चल जाए। अपने Google अकाउंट में Security Checkup खोलकर सुरक्षा से जुड़ी सलाह, रिकवरी विकल्प और हाल की गतिविधियां भी देख सकते हैं।
बैंक केवाईसी अपडेट, इनाम, डिलीवरी या अकाउंट बंद होने के नाम पर आए मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। लिंक खोलने से पहले वेबसाइट का पता जांचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक या कंपनी से उसके आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN या पासवर्ड न बताएं। अचानक पैसे मांगने वाली कॉल पर भी पहचान की पुष्टि करें।
मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउजर और ऐप्स अपडेट रखने से सुरक्षा संबंधी कमियां ठीक हो सकती हैं। ऑटोमैटिक अपडेट उपलब्ध हों तो उन्हें चालू रखें। ऐप केवल भरोसेमंद स्रोत से डाउनलोड करें और अनजान लिंक से मिली APK फाइल इंस्टॉल करने से बचें।
सोशल मीडिया पर कौन आपकी पोस्ट देख सकता है यह जांचें। अपने अकाउंट में रिकवरी ईमेल और फोन नंबर अपडेट रखें ताकि जरूरत पड़ने पर अकाउंट वापस पाया जा सके। इन पांच बदलावों को आज ही अपनाने से डिजिटल सुरक्षा बेहतर हो सकती है लेकिन कोई भी तरीका हर तरह के ऑनलाइन खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं करता।