

Chandrapur Mobile Hacking, M Parivahan Challan: चंद्रपुर में साइबर अपराधियों द्वारा एम-परिवहन मोटर्स चालान के नाम से APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक किए जाने का मामला सामने आया है। फाइल डाउनलोड करने वाले कई लोगों ने मोबाइल हैक होने की शिकायत की है। प्रभावित लोगों में नेता, बिल्डर और पत्रकार समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं।
चंद्रपुर में मंगलवार को साइबर अपराधियों द्वारा APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने का मामला सामने आया। साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर कई लोगों के मोबाइल नंबरों पर एम-परिवहन मोटर्स चालान के नाम से फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा।
जिन लोगों ने इस फाइल को डाउनलोड किया, उनके मोबाइल फोन हैक होने की शिकायत सामने आई है। प्रभावित लोगों में नेता, बिल्डर, पत्रकार सहित अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों के शामिल होने की जानकारी है।
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के जिला प्रमुख संदीप गिहें ने संदेश के जरिए जानकारी दी कि उनका WhatsApp अकाउंट हैक हो गया है। उन्होंने अपने संपर्कों से अपील की कि उनके नंबर से कोई संदेश आने पर उसका जवाब न दें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
इस घटना के बाद संबंधित लोगों में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चंद्रपुर साइबर सेल के पीआई सुनील गाडे के अनुसार, मंगलवार को कुछ लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजे जाने की जानकारी मिली थी। एक राजनीतिक नेता और एक पत्रकार की शिकायत साइबर सेल को प्राप्त हुई, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फाइल भेजने तथा मोबाइल हैकिंग से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर सेल ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए मोबाइल हैक होने की स्थिति में कुछ जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है:
तुरंत इंटरनेट, Wi-Fi और Bluetooth बंद कर फोन को Flight Mode पर करें।
बैंक से संपर्क कर UPI, इंटरनेट बैंकिंग और कार्ड को सुरक्षित कराएं तथा अनधिकृत लेनदेन की जांच करें।
संदिग्ध APK फाइल या ऐप को हटाएं।
##002# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग बंद करने की सलाह दी गई है।
किसी सुरक्षित डिवाइस से महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदलें और Two-Factor Authentication शुरू करें।
जरूरत पड़ने पर फोन को Factory Reset करें।
आर्थिक साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें या सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड न करें, भले ही संदेश चालान, बैंक, पुलिस या किसी सरकारी सेवा के नाम पर क्यों न भेजा गया हो।