AI tool से Bird Flu का चलेंगा पता। (सौ. AI) 
टेक्नॉलजी

AI टूल से सिर्फ 26 मिनट में चलेगा बर्ड फ्लू संक्रमण का पता, जाने कैसे

Maryland School of Medicine: पूरी दुनिया में बर्ड फ्लू वायरस को लेकर चिंता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है, लेकिन इंसानों के लिए भी घातक साबित हो सकता है।

सिमरन सिंह

AI Tool for Bird Flu Virus: भारत समेत पूरी दुनिया में बर्ड फ्लू वायरस (H5N1) को लेकर चिंता तेजी से बढ़ रही है। यह संक्रमण मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है, लेकिन इंसानों के लिए भी घातक साबित हो सकता है। अब अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल विकसित किया है, जो मात्र 26 मिनट में मरीजों में बर्ड फ्लू संक्रमण की पहचान कर सकता है।

मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन ने तैयार किया नया टूल

अमेरिका के मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस उन्नत AI टूल को विकसित किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अस्पतालों के इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) में दर्ज डॉक्टरों के नोट्स को स्कैन करता है। इसके बाद यह मरीज के लक्षणों जैसे खांसी, तेज बुखार, नाक बंद होना और आंखों में लालपन का विश्लेषण करके यह निर्धारित करता है कि व्यक्ति बर्ड फ्लू के खतरे में है या नहीं।

कैसे करता है काम यह AI टूल

AI मॉडल न केवल लक्षणों की पहचान करता है, बल्कि यह भी जांचता है कि मरीज हाल ही में मुर्गियों, जंगली पक्षियों या पशुओं के संपर्क में तो नहीं आया। इससे संक्रमण के खतरे का तेजी से पता लगाया जा सकता है। यह सिस्टम डॉक्टरों को तुरंत सतर्क कर देता है ताकि मरीज का समय पर इलाज शुरू हो सके।

13 हजार मरीजों पर किया गया परीक्षण

इस शोध को क्लिनिकल इनफेक्शियस डिजीज नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने अमेरिका के 13 हजार से अधिक मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया। इन मरीजों में बुखार, खांसी और आंखों की सूजन जैसे लक्षण पाए गए थे। AI टूल ने इनमें से 700 से अधिक मरीजों को चिन्हित किया, जो हाल ही में पक्षियों या पशुओं के संपर्क में आए थे और बर्ड फ्लू के जोखिम में थे।

26 मिनट में मिली सफलता

मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन में जन स्वास्थ्य की सहायक प्रोफेसर कैथरीन ई. गुडमैन ने बताया "AI टूल को केवल 26 मिनट का समय लगा और इसने संभावित संक्रमित मरीजों की सटीक पहचान कर ली।" विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक के जरिए न केवल मरीजों की जल्दी पहचान होगी, बल्कि महामारी के फैलने से भी बचाव किया जा सकेगा।

नतीजा

यह AI टूल आने वाले समय में बर्ड फ्लू जैसी खतरनाक बीमारियों से निपटने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। भारत समेत वे सभी देश, जहां H5N1 वायरस तेजी से फैल रहा है, इस तकनीक से संक्रमण नियंत्रण की दिशा में मजबूत कदम उठा सकते हैं।

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