लंदन: पोलैंड की स्टार टेनिस खिलाड़ी इगा स्वियातेक ने शनिवार 12 जुलाई को विंबलडन का महिला एकल खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में अमेरिका की अमांडा अनीसिमोवा को मात्र 57 मिनट में 6-0, 6-0 से हराया। यह टेनिस के ओपन एरा (1968 के बाद) में पहली बार हुआ है जब किसी विंबलडन फाइनल में कोई खिलाड़ी एक भी गेम नहीं जीत पाया हो। ऐसा महिला एवं पुरुष दोनों में हुआ है। यह 114 वर्षों में टूर्नामेंट का पहला महिला फाइनल था जिसमें प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी एक भी गेम नहीं जीत सकी।
फाइनल मैच में स्वियातेक ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले सेट में उन्होंने अनीसिमोवा की सर्विस तोड़ते हुए मात्र 25 मिनट में 6-0 से सेट अपने नाम कर लिया। अनीसिमोवा पूरी तरह दबाव में नजर आईं और उन्होंने पहले सेट में 14 अनफोर्स्ड एरर (गलतियां) कीं, जबकि स्वियातेक ने सिर्फ दो ही गलतियां की।
दूसरे सेट में भी कहानी नहीं बदली। स्वियातेक ने एक बार फिर तेज शुरुआत की और फिर से 5-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने आखिरी गेम भी आसानी से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। केवल 57 मिनट में 13वीं वरीयता प्राप्त 23 वर्षीय अनिसिमोवा को 6-0, 6-0 से हराकर अपना छठा ग्रैंडस्लैम जीता। उन्होंने आखिरकार ग्रासकोर्ट पर अपनी पहली ट्रॉफी जीत ली। इस तरह विंबलडन को लगातार आठवीं बार पहली महिला चैंपियन मिली।
यह स्वियातेक के करियर का पहला विंबलडन खिताब है और उनकी पहली ग्रास कोर्ट पर ग्रैंड स्लैम जीत भी। इससे पहले वह चार बार ग्रैंड स्लैम जीत चुकी थीं। तीन बार फ्रेंच ओपन और एक बार यूएस ओपन। इस खिताब के साथ अब उन्होंने तीनों सतहों (क्ले, हार्ड और ग्रास) पर ग्रैंड स्लैम जीतने का कारनामा कर लिया है।
जीत के बाद भावुक स्वियातेक ने कहा कि यह सपना था जो आज सच हुआ। विंबलडन जीतना मेरे करियर का सबसे खास पल है। दूसरी ओर, पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रही अनीसिमोवा के लिए यह मैच किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हार के बाद भी स्वियातेक की तारीफ करते हुए कहा कि इगा को इस जीत के लिए बधाई, उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ स्वियातेक ने न केवल एक नया अध्याय लिखा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह आज के दौर की सबसे दमदार महिला टेनिस खिलाड़ी हैं।