भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव  सोर्स- सोशल मीडिया
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Umesh Yadav Birthday: उमेश यादव का आज है जन्मदिन, जानें उनकी वो अनसुनी कहानी जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी

Umesh Yadav Birthday: तेज गेंदबादज उमेश यादव का जन्म 25 अक्टूबर 1987 को हुआ था। कोयला खदान में काम करने वाले पिता के बेटे से लेकर टीम इंडिया के मुख्य तेज गेंदबाज बनने तक का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा।

राहुल उपाध्याय

Highlights:

  • भारतीय टीम के तेज गेंदबाज रहे उमेश यादव आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं

  • लंबे समय तक गेंदबाज की भूमिका निभाने वाले उमेश यादव का सफर आसान नहीं था

  • उमेश यादव के पिता तिलक यादव मूल रूप से यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले हैं

Umesh Yadav Birthday Special: भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ तेज गेंदबाज रहे उमेश यादव रविवार 25 अक्टूबर को अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज वह 39 साल के हो गए है। टीम इंडिया की टेस्ट टीम में लंबे समय तक मुख्य गेंदबाज की भूमिका निभाने वाले उमेश यादव का क्रिकेट का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लेकर नागपुर की कोयला खदानों और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदानों तक, उमेश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

कोयला खदान की कॉलोनी में बीता बचपन

उमेश यादव के पिता तिलक यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। हालांकि, नौकरी के सिलसिले में वह महाराष्ट्र के नागपुर आ गए थे। वह नागपुर के पास खापरखेड़ा की वेस्टर्न कोल लिमिटेड की कोयला खदान में काम करते थे। उमेश का जन्म भी नागपुर में ही हुआ और उनकी परवरिश खदान की इसी कॉलोनी की तंग परिस्थितियों और आर्थिक तंगी के बीच हुई।

सेना और पुलिस में बनना चाहते थे सिपाही

दरअसल, क्रिकेट में नाम कमाने से पहले उमेश यादव की प्राथमिकता एक सुरक्षित नौकरी पाने की थी। वह देश की सेवा के लिए सेना या पुलिस में भर्ती होना चाहते थे। उन्होंने पुलिस और सेना में सिपाही पद के लिए दौड़ भी लगाई और कड़ी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से वह कामयाब नहीं हो सके। आज फैंस कहते हैं कि यह अच्छा ही हुआ कि वह पुलिस में भर्ती नहीं हुए, वरना देश एक बेहतरीन तेज गेंदबाज खो देता।

टेनिस बॉल से शुरुआत, फिर पकड़ी लेदर बॉल

आपको बता दें कि शुरुआती दिनों में उमेश यादव सिर्फ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे। इसके बाद उन्होंने विदर्भ क्रिकेट संघ की तरफ से जुनियर लेवल पर जाकर लेदर बाल से क्रिकेट खेलना शुरू किया।

इसके बाद विदर्भ की टीम में शामिल होने के बाद आखिरकार 2008 में रणजी ट्रॉफी खेलने का मौका मिला। अपने पहले ही मैच की पहली पारी में उमेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 75 रन देकर 4 विकेट चटकाए। इसके बाद उन्हें दलीप ट्रॉफी में भी जगह मिली।

तेज गेंदबाज उमेश यादव

IPL 2010 से बदली जिंदगी, दूर हुई घर की तंगी

उमेश यादव के जीवन और करियर में सबसे बड़ा यू-टर्न साल 2010 में आया। आईपीएल 2010 की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने उमेश को 18 लाख रुपये में खरीदा। इस रकम ने उमेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया और उनके घर की सालों पुरानी पैसों की तंगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।

जिम्बाब्वे के खिलाफ हुई थी डेब्यू

उमेश यादव विदर्भ के इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बने, जिसने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। उन्होंने मई 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि शुरुआती त्रिकोणीय सीरीज में उनका प्रदर्शन औसत रहा और दिसंबर 2010 के दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया।

लेकिन नवंबर 2011 में जब चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए श्रीसंत और प्रवीण कुमार की जगह उमेश यादव और वरुण आरोन को मौका दिया, तो उमेश ने पासा पलट दिया। अपने डेब्यू टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उमेश ने 36 रन देकर 2 विकेट लिए और भारत को जीत दिलाई। इस पूरी सीरीज में उन्होंने 9 विकेट झटके।

पहली गेंद पर तोड़ा था मैक्सवेल का बल्ला

उमेश यादव भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों में से हैं जो लगातार 140 किमी/घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। साल 2015 के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में वह भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।

उनकी रफ्तार का एक ऐतिहासिक नजारा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए एक टेस्ट मैच के दौरान देखने को मिला था। ऑस्ट्रेलिया की पारी के 91वें ओवर में उमेश यादव ने ऐसी धारदार गेंद फेंकी कि क्रीज पर 82 रन बनाकर खेल रहे कंगारू बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल के बल्ले के दो टुकड़े हो गए।

मैक्सवेल के हाथ में सिर्फ बल्ले का हैंडल रह गया था और वह खुद हैरान होकर हंसने लगे थे। इसके अलावा, जुलाई 2016 से जुलाई 2017 के बीच उमेश ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 493.1 ओवर फेंके, जो उस दौरान किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज द्वारा फेंके गए सबसे ज्यादा ओवर थे। कोयला खदान से निकलकर दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के स्टंप उखाड़ने वाले इस 'स्पीड किंग' को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।

जब उमेश यादव ने तोड़ा था मैक्सवेल का बल्ला

कैसा रहा उमेश यादव का टेस्ट करियर?

उमेश यादव भारत के बेहतरीन टेस्ट गेंदबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने 57 टेस्ट मैचों में 170 विकेट चटकाए हैं। भारत की पिचों पर उनका स्ट्राइक रेट और रिवर्स स्विंग कमाल की रही, जहां उन्होंने घरेलू मैदानों पर 100 से अधिक विकेट हासिल किए।

उमेश यादव का वनडे करियर

वनडे क्रिकेट में उन्होंने 75 मैचों में 106 विकेट लिए हैं। उनके सीमित ओवरों के करियर का सबसे सुनहरा पल 2015 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप था, जहां वह 18 विकेट लेकर भारत के लिए 'सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज' बने थे। हालांकि, बाद के वर्षों में थोड़े महंगे साबित होने के कारण वह नियमित रूप से जगह नहीं बना सके।

उमेश यादव का टी-20 करियर

टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उमेश यादव को बहुत कम मौके मिले। उन्होंने कुल 9 टी-20 मैचों में 12 विकेट चटकाए। उनका अंतिम टी-20 मैच साल 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था।

उमेश यादव का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच

आपको बता दें कि उमेश यादव ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2023 (WTC फाइनल) में खेला था। फिलहाल वह घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी) में पंजाब की टीम से खेल रहे हैं, जहां उन्होंने हाल ही में 5 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया है।

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