

Sawan Somwar Nag Panchami Mahakal : श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अद्भुत संयोग पर उज्जैन में भक्ति और आस्था का अनूठा रंग देखने को मिला। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हजारों भक्त बाबा महाकाल के दर्शन और भस्मारती में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंचे। इसी विशेष अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव भी पत्नी तान्या वाधवा के साथ उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल तथा भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए।
महाकाल मंदिर के पट रात्रि करीब ढाई बजे खोले गए, जिसके बाद सुबह 3 बजे बाबा महाकाल की भस्मारती शुरू हुई। भस्मारती से पहले भगवान का जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का भांग और चंदन से आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान को वस्त्र धारण कराकर भस्म अर्पित की गई।
बाबा महाकाल की भस्मारती झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच संपन्न हुई। विशेष धार्मिक संयोग के चलते भस्मारती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और पुण्य लाभ लिया। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
नागपंचमी के अवसर पर भारतीय क्रिकेटर उमेश यादव अपनी पत्नी तान्या वाधवा के साथ महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने भस्मारती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के दिन खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर में भी दर्शन किए। मंदिर समिति और शहरवासियों की ओर से क्रिकेटर का स्वागत किया गया।
दर्शन और पूजन के बाद उमेश यादव ने कहा कि नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की भस्मारती और दर्शन का सौभाग्य मिलना उनके लिए सोने पर सुहागा जैसा है। उन्होंने कहा कि सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी का अद्भुत संयोग होने से मन को अत्यंत प्रसन्नता और आनंद की अनुभूति हुई। उमेश यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के दरबार में आने से उन्हें हमेशा अलौकिक शांति मिलती है और जब भी बाबा का बुलावा आता है, वे दर्शन के लिए चले आते हैं।
श्रावण-भादौ मास में सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा है। इसी क्रम में सोमवार शाम बाबा महाकाल की सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी। धार्मिक मान्यता है कि राजा महाकाल सवारी के रूप में नगर भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल जानने निकलते हैं। सवारी के दर्शन के लिए शहर की सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सावन सोमवार और नागपंचमी के संयोग के कारण उज्जैन में दिनभर धार्मिक उत्साह बना रहने वाला है।