महाराष्ट्र के येवला से बांग्लादेश पहुंचा शीरे का माल, मध्य रेल को मिला 1.11 करोड़ रुपये का राजस्व

Maharashtra Bangladesh Molasses Export: मध्य रेल ने महाराष्ट्र के येवला गुड्स शेड से बांग्लादेश के बेनापोल के लिए 2,714 टन शीरे से लदे 50 वैगन रवाना किए। इस खेप से रेलवे को ₹1.11 करोड़ का राजस्व मिला।
Maharashtra Yeola Bangladesh Molasses Export Central Railway Freight Revenue
येवला गुड्स शेड(फोटो नवभारत)
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Highlights

  • मेसर्स श्री लक्ष्मी एक्सपोर्ट्स ने 2,714 टन शीरा बांग्लादेश भेजा।

  • निर्यात माल के परिवहन से मध्य रेल को मालभाड़े के रूप में ₹1.11 करोड़ कमाई हुई।

  • प्याज और मक्का के बाद शीरे के निर्यात से येवला गुड्स शेड में माल परिवहन का दायरा बढ़ा।

Central Railway Freight Revenue: रेलवे के माध्यम से देश की सीमा पार पड़ोसी देशों में माल पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी आयी है। मध्य रेल ने महाराष्ट्र के येवला गुड्स शेड से बांग्लादेश के लिए पहली बार निर्यात माल की बुकिंग कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

इस पहल से रेल माल परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ रेलवे के मालभाड़ा राजस्व में वृद्धि की नई संभावनाएं खुली हैं।

शीरे से लदे 50 वैगन रवाना

बताया गया कि शुक्रवार को मेसर्स श्री लक्ष्मी एक्सपोर्ट्स की ओर से 2,714 टन शीरे से लदे 50 बीटीपीएन वैगनों की खेप बांग्लादेश के बेनापोल के लिए रवाना की गई। इस माल परिवहन से मध्य रेल को 1.11 करोड़ रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। इस निर्यात खेप के लिए इंडेंट 2 अक्टूबर 2026 को पंजीकृत किया गया था।

उल्लेखनीय है कि अब तक येवला गुड्स शेड से मुख्य रूप से प्याज और मक्का का परिवहन किया जाता रहा है। शीरे की निर्यात खेप की सफल बुकिंग से इस गुड्स शेड के माध्यम से माल परिवहन के नए अवसर विकसित हुए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलने और मालभाड़ा कारोबार का विस्तार होने की उम्मीद है।

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नेटवर्क के विस्तार

येवला से बांग्लादेश के लिए पहली निर्यात खेप का रवाना होना रेलवे के माल परिवहन नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम कदम है। इससे पारंपरिक कृषि उत्पादों के अलावा अन्य वस्तुओं के परिवहन की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

यह पहल रेल मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक माल पहुंचाने और रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी के प्रयासों को नई गति दे सकती है। मध्य रेल की यह उपलब्धि माल यातायात बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाती है।

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