भारत बनाम यूएई (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

एशिया कप 2025 में 8 टीमें क्यों खेल रही हैं... UAE के खराब खेल पूर्व दिग्गज का फूटा गुस्सा, ACC को..

एशिया कप 2025 का दूसरा मुकाबला भारत और यूएई के बीच खेला गया। इस मैच में यूएई की कमजोर बल्लेबाजी और गेंदबाजी देखकर अजय जडेजा ने सवाल उठाया कि क्या टूर्नामेंट में 8 टीमों का शामिल होना वाकई जरूरी है।

संजय सिंह बिष्ट

India vs UAE Match:सूर्यकुमार की अगुवाई में टीम इंडिया ने एशिया कप 2025 की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है। भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला यूएई के खिलाफ खेला। इस मुकाबले में टीम ने मेजबान को बड़े अंतर के साथ शिकस्त दी। एकतरफा मैच में भारत ने यूएई को 9 विकेट से शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूएई की टीम इंडिया के सामने सिर्फ 57 रन ही बना सकी। इस स्कोर को सूर्या एंड कंपनी ने सिर्फ 5 ओवरों के अंदर हासिल कर लिया।

इसके बाद टीम इंडिया का मुकाबला 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ है। जिसके बाद टीम ओमान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। इस दौरान टीम इंडिया को पाकिस्तान से थोड़ा बहुत टक्कर मिल सकती है। लेकिन ओमान जैसी टीम के लिए फिर मुकाबला एकतरफा होने की उम्मीद है। अब इसी बात को लेकर टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज अजय जडेजा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

पूर्व खिलाड़ी अजय जडेजा का कहना है कि भारत का यूएई की जैसी टीम के साथ कोई मुकाबला नहीं है। उनका मानना है कि एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी ACC को एशिया कप में 8 टीमों को शामिल करने पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।

यूएई ने अपनी पूरी पारी नहीं खेली- अजय जडेजा

सोनी स्पोर्ट्स पर बात करते हुए जडेजा ने कहा है कि "इसमें कोई शक नहीं कि भारत बेहतर टीम है, लेकिन कोई मुकाबला ही नहीं था। यूएई ने जिस तरह से अपनी पूरी पारी खेली, उससे दुख होता है। मैं मानता हूं कि आप भारत से मुकाबला नहीं कर सकते, लेकिन आपने तो 20 ओवर भी नहीं खेले।"

ACC को क्या आठ टीमें रखनी चाहिए- अजय जडेजा

इसके आगे उन्होंने कहा- मैं चाहे कितना भी विनम्र होना चाहूं, यह कहना जरूरी है कि जब हम इतने बड़े टूर्नामेंट की बात कर रहे हैं और एशिया कप कोई छोटा टूर्नामेंट नहीं है, तो उन्हें इस बात पर पुनर्विचार करना होगा कि क्या उन्हें आठ टीमें रखनी चाहिए, क्योंकि यह प्रोत्साहन नहीं, बल्कि हतोत्साहन है, क्योंकि उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया है।

अजय जडेजा ने अपनी बात को सिद्ध करने के लिए साल 1190 का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि "90 के दशक में, यूएई के पास एक कप्तान था सुल्तान जरावानी। वह अपनी लैम्बोर्गिनी में मैदान पर आते थे। यह पारी उसी गति से चली जिस गति से वह आते थे। यह पारी उतनी ही जल्दी खत्म हो गई। पहले तीन खिलाड़ियों, अलीशान सराफू और कप्तान मुहम्मद वसीम के अलावा, किसी में भी टैलेंट नहीं है। आसिफ खान एक अच्छे खिलाड़ी हैं, इसमें कोई शक नहीं। हालांकि, वह गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और धार बिल्कुल नहीं दिखी।"

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