Sarfaraz Khan not Selected For India 'A' Team: साउथ अफ्रीका दौरे के लिए भारत ए टीम में सरफराज खान को नहीं चुनने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पिछले पांच वर्षों में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 110.47 की शानदार औसत के साथ 10 शतक और 5 अर्धशतक लगाने वाले सरफराज को टीम में जगह नहीं दी गई।
इस फैसले के बाद फैन्स के साथ साथ दो मुस्लिम नेता की निराशा साफ नजर आ रही है। इनका कहना है कि सरफराज खान को मुस्लिम होने के कारण टीम इंडिया में जगह नहीं मिल पा रही है। दरअसल, हम AIMIM ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदद्दीन ओवैसी और कांग्रेस पार्टी की महिला नेता डॉ. शमा मोहम्मद की बात कर रहे हैं। इन दोनों ने ही सरफराज की बार-बार हो रही अनदेखी पर सवाल खड़ा किया है।
कांग्रेस नेता डॉ. शमा मोहम्मद ने सरफराज खान के चयन न होने को उनके धर्म और सरनेम से जोड़कर देखे जाने की बात कही, जिससे यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। डॉ. शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "क्या सरफराज खान को उनके सरनेम की वजह से टीम में नहीं चुना गया? हमें पता है कि गौतम गंभीर इस मामले में क्या सोचते हैं।" उनके इस पोस्ट ने सुर्खियों में बवाल मचा दिया और इस मुद्दे को सिर्फ खेल विवाद से आगे बढ़ाकर राजनीतिक बहस में बदल दिया।
सरफराज खान को टीम इंडिया ए टीम में शामिल न किए जाने पर AIMIM चीप असदुद्दीन ओवैसी ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के फैसला पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि "सरफराज खान को इंडिया ए के लिए भी क्यों नहीं चुना गया।"
सरफराज खान ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 56 मैचों में 65.19 की औसत से 4759 रन बनाए, जिसमें 16 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 6 टेस्ट मैच खेले और 37.10 की औसत से 371 रन हासिल किए। फिटनेस, प्रदर्शन और धैर्य में उन्होंने खुद को साबित किया है, लेकिन चयन प्रक्रिया में अस्पष्टता, बदलते मानदंड और अन्य कारणों ने उनके इंटरनेशनल करियर को प्रभावित किया। सरफराज की काबिलियत के बावजूद उन्हें लगातार टीम में जगह नहीं मिल पाई, जिससे उनके करियर पर अवांछित ब्रेक लग गया है।