नागपुर: बीसीसीआई ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में करुण नायर की वापसी 8 साल बाद हुई है। करुण नायर ने 2017 में भारत के लिए आखिरी टेस्ट खेला था। जिसके बाद उन्हें अब फिर से टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में तिहरा शतक बनाया था। अब उनकी वापसी भी इंग्लैंड के खिलाफ ही हुई है।
करुण नायर ने भारत के लिए 2016 में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के सामने चेन्नई के मैदान में 303 रनों की नाबाद पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक बनाने का कारनामा किया था। उस पारी के बाद नायर पूरी तरह से फ्लॉप रह रहे। भारत में 2017 में खेले गए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चार पारियों में 26, 0, 23 और 5 रन बनाए। जिसके बाद वो चयनकर्ताओं की योजना में लंबे समय तक नहीं रहे और आखिरकार उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
आईपीएल 2017 में नायर का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा और उन्होंने 21.61 की औसत से 281 रन बनाकर सीजन का अंत किया और उन्हें दक्षिण अफ्रीका में दो चार दिवसीय मैचों के लिए भारत ए टीम की कमान सौंपी गई। भारत ने वह सीरीज 1-1 से ड्रा की और नायर ने दो मैचों में 34 की औसत से 136 रन बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से चयनकर्ताओं को फिर से प्रभावित करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
2017 में बाद में दलीप ट्रॉफी में नायर ने सिर्फ़ एक मैच खेला और उसमें 157 रन बनाए, लेकिन यह अनदेखी जारी रही। इस पारी के बाद भी चयनकर्ता का ध्यान उनके उपर नहीं गया। ऐसा लगभग 8 सालों तक हुआ। हालांकि विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद बल्लेबाजी लाइन अप के मध्यक्रम में कमी आ गई। जिसके बाद उन्हें शानदार डोमेस्टिक सीजन का इनाम मिला और भारतीय टीम में फिर से शामिल किया गया।
करुण नायर ने भारतीय टीम से बाहर होने के बाद कभी नहीं हार नहीं मानी। उन्होंने अपना मेहनत जारी रखा। 2023 में नायर इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए नॉर्थम्पटनशायर के साथ करार किया। उन्होंने उस सीजन में तीन मैचों में 83 की शानदार औसत से 249 रन बनाए। इसके बाद वो 2024 में इसी टीम के लिए काउंटी क्रिकेट खेले। इस बार उन्हें डिवीजन टू में 7 मैचों में खेलने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने 48.7 की औसत और एक शतक के साथ 487 रन बनाए, लेकिन जो सबसे अलग रहा वह ग्लैमरगन के खिलाफ़ नाबाद 202 रनों की पारी थी।
इसके बाद उन्होंने भारत के घरेलू क्रिकेट में ऐसा प्रदर्शन किया कि उनके नाम को लेकर सेलेक्टर्स को भी विचार करना पड़ा। उन्होंने विदर्भ के लिए खेलते हुए टीम को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलवा दिया। रणजी ट्रॉफी में करुण नायर ने 9 मैचों में 53.93 की औसत से 863 रन बनाए। उन्होंने फाइनल में विदर्भ के लिए पहली पारी में 86 और दूसरी पारी में 135 रन बनाए।
भारत ए की टीम इंग्लैंड में दो अनाधिकारिक टेस्ट मैच खेलेगी। इसके लिए भी भारत ए के टीम में करुण नायर को शामिल किया गया है। अगर वो इन दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं तो उनकी वापसी मध्यक्रम में जरूर हो जाएगी। उम्मीद है कि करुण नायर के लिए ये दौरा अच्छा साबित हो। पिछले कुछ साल से काउंटी क्रिकेट खेलने का फायदा भी उन्हें मिलेगा।