सरकार खुद कर रही घोटाला... मोदी सरकार पर भड़के मुरली मनोहर जोशी, कहा- शिक्षा नीति में भ्रष्टाचार का बोलबाला

Murli Manohar Joshi Education Policy: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने मोदी सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
murli manohar joshi slams bjp
मुरली मनोहर जोशी सौजन्य-IANS
Published on
Updated on

Murli Manohar Joshi Interview: दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक मुरली मनोहर जोशी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शिक्षा बजट में कमी, सरकारी स्कूलों के बंद होने, निजीकरण, पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर सरकार की प्राथमिकताओं को कटघरे में खड़ा किया है।

मुरली मनोहर जोशी ने एक इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी सरकार की शिक्षा नीति और उसकी प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने शिक्षा के बजट में कमी, सरकारी स्कूलों के बंद होने, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण, पेपर लीक और व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने पेपर लीक की समस्या को केवल परीक्षा व्यवस्था की खामी मानने के बजाय समाज और शासन में बढ़ते भ्रष्टाचार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब लोगों को हर जगह पैसे और भ्रष्टाचार का बोलबाला दिखाई देता है, तो वे भी गलत रास्ते को अपनाने लगते हैं और इसके लिए मूल रूप से सरकार और व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

पेपर लीक के सवाल पर जोशी ने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यह तय ही नहीं है कि शिक्षा के क्षेत्र में हमें जाना कहां है। शिक्षा को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। शिक्षा अर्थकारी होनी चाहिए। अगर शिक्षा अर्थकारी नहीं है तो वह क्या शिक्षा है?

murli manohar joshi slams bjp
दिल्ली में डेढ़ साल में 3 घोटाले... रेखा सरकार के मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, इस्तीफे पर अड़ा AAP

युवाओं के लिए कहां हैं नौकरियां

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि आज स्थिति यह है कि दिल्ली में एमए पास व्यक्ति नगर निगम में नौकरी कर रहा है और पीएचडी डिग्रीधारी नगर निगम के दफ्तर में काम कर रहा है।

मुझे एक बार यह देखकर बहुत तकलीफ हुई कि एक सफाई कर्मचारी बीएड था। वह ठेके पर 25-30 हजार रुपये की नौकरी कर रहा था। तो यह कहां जा रहा है मामला? एक तरफ कॉलेज खोले जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ यह नहीं देखा जा रहा कि वहां से पढ़कर निकलने वाले युवाओं के लिए नौकरियां कहां हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com