

PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज को मध्य एशिया के बेहद महत्वपूर्ण देश उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय द्विपक्षीय दौरे पर रवाना हो गए हैं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के विशेष निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक मानी जा रही है। इस यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। ताशकंद में दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की विशेष वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों नेता व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर), जरूरी खनिज, शिक्षा, अंतरिक्ष, टेक्नोलॉजी, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विषयों पर गहन चर्चा करेंगे। इसके साथ ही, भारत के 'विकसित भारत 2047' और उज्बेकिस्तान के 'उज्बेकिस्तान-2030' (यांगी उज्बेकिस्तान) के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तय किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उज्बेकिस्तान की यह चौथी यात्रा होगी। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में पहली बार उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था। इसके बाद वे साल 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां गए थे। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच पिछले कई सालों से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर व्यापक और सार्थक संबंध रहे हैं। उज्बेक राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने 2018 में भारत का राजकीय दौरा किया था और 2019 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में भी शामिल हुए थे। इसके अतिरिक्त, दोनों नेता 2023 में दुबई में सीओपी 28 के दौरान, 2024 में कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान और 2025 में चीन के तियानजिन में एससीओ समिट के दौरान मिल चुके हैं।
यह दौरा कूटनीति के साथ-साथ दोनों देशों के बीच के गहरे सांस्कृतिक और लोगों के बीच के संबंधों को भी उजागर करेगा। पीएम मोदी ताशकंद में स्थित ऐतिहासिक लाल बहादुर शास्त्री स्मारक जाएंगे। इसके अलावा, वे ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थापित महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने जानकारी दी कि ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री मोदी इंडोलॉजिस्ट और विद्वानों से भी बातचीत करेंगे, जो दोनों देशों के बीच एकेडमिक संबंधों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
उज्बेकिस्तान की अपनी राजकीय यात्रा पूरी करने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को किर्गिज (किर्गिस्तान) के बिश्केक के लिए रवाना होंगे। किर्गिज के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर वे वहां आयोजित होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस वर्ष का शिखर सम्मेलन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह इस महत्वपूर्ण संगठन की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इस साल का मुख्य विषय 'एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर' रखा गया है। बिश्केक में 31 अगस्त को स्वागत भोज का आयोजन होगा और अगले दिन 1 सितंबर को मुख्य बैठक में पीएम मोदी अपना संबोधन देंगे। इस दौरान उनकी कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित करने की योजना है।
भारत साल 2017 से एससीओ का एक सक्रिय सदस्य रहा है। इस मंच के जरिए पीएम मोदी सुरक्षा, संपर्क (कनेक्टिविटी) और अवसरों पर आधारित भारत के विजन को आगे बढ़ाएंगे। भारत आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी बुराइयों से मुक्त क्षेत्र के निर्माण के लिए अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि ये बुराइयां हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति के लिए बड़ा खतरा हैं। कूटनीतिक बैठकों के अलावा, पीएम मोदी मध्य एशिया की समृद्ध जीवंत विरासत का उत्सव मनाने वाले छठे 'वर्ल्ड नोमैड गेम्स' के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
यह पूरी यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ सभ्यतागत जुड़ाव को गहरा करेगी और वैश्विक शांति, स्थिरता व समृद्धि की कोशिशों को आगे बढ़ाएगी।