SL vs IND Test Galle Pitch Controversy: भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला का पहला मुकाबला शुरू होने जा रहा है। यह पूरी सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से दोनों ही टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ऐसे में पहला मैच जीतने के लिए मेजबान श्रीलंका क्रिकेट टीम हर संभव दांव आजमाने के मूड में दिख रही है। बुधवार को गॉल स्टेडियम से श्रीलंका टीम का बेहद ही अजीब और रहस्यमयी व्यवहार देखने को मिला।
एक तरफ जहां श्रीलंकाई चयनकर्ताओं ने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए टीम में दो नए अनकैप्ड चेहरों को शामिल करके सबको चौंका दिया, तो वहीं दूसरी ओर अपनी नेट प्रैक्टिस को पूरी दुनिया की नजरों से छिपाने की कोशिश की।
हद तो तब हो गई जब भारतीय टीम प्रबंधन के गॉल स्टेडियम की पिच का मुआयना करके लौटते ही, पिच में अचानक बदलाव करने की कोशिशें शुरू कर दी गईं।
दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम के गॉल पहुंचने के बाद से वहां लगातार तेज बारिश हो रही थी, लेकिन बुधवार को अचानक धूप खिली। बारिश और धूप के इस उतार-चढ़ाव की वजह से पिच के बर्ताव का अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है।
इसी के चलते भारतीय टीम ने मंगलवार के बाद बुधवार को भी मैदान पर कोई अभ्यास नहीं किया। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक पिच का जायजा लेने के लिए खुद मैदान पर पहुंचे थे। दोनों दिग्गजों ने पिच का कवर हटवाकर उसकी बारीकी से जांच की और फिर कवर वापस लगवा दिया।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जैसे ही गंभीर और कोटक स्टेडियम से बाहर निकले, ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत पिच समेत पूरे मैदान का कवर हटा दिया। इसके साथ ही मैदान पर हल्की रोलर वाली घास काटने की मशीन लाई गई।
घास कटाई से ठीक पहले काफी देर तक पिच पर भारी रोलर चलाया गया और लगभग दो घंटे तक पिच को कड़क धूप में सुखाने के बाद दोबारा कवर कर दिया गया।
मेहमान टीम के मुख्य कोच के पिच देखने के तुरंत बाद इस तरह का काम होना काफी रहस्यमयी माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इसके जरिए मेजबान टीम पिच की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रही है ताकि सही प्लेइंग इलेवन का चुनाव करने में भारतीय प्रबंधन को भ्रम हो। ऑलराउंडर न होने की स्थिति में कोच गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के लिए यह स्थिति सिरदर्द बन सकती है।
पिच के इस घटनाक्रम के अलावा, श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने बुधवार को जब गॉल में नेट अभ्यास किया, तो उस दौरान आम प्रशंसकों और मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया। श्रीलंकाई टीम प्रबंधन ने इस अभ्यास सत्र को पूरी तरह गोपनीय रखा, जिसे क्रिकेट जगत में काफी अनोखा माना जा रहा है।
अभ्यास सत्र को मीडिया से इस तरह छुपाने की वजह से ये पता नहीं चल सका कि मैच के दौरान श्रीलंकाई टीम किस रणनीति या प्लेइंग इलेवन के साथ मैदान पर उतरने की योजना बना रही है।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार को पहले टेस्ट मैच के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी। इसमें चोटिल कुशल मेंडिस और पथुम निसंका को जगह नहीं मिली है। लेकिन चयनकर्ताओं ने कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अचानक टीम में वापस बुलाया है जो लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट से बाहर चल रहे थे।
गॉल के मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंका की स्पिन गेंदबाजी होगी। 'गॉल का राजा' कहे जाने वाले बाएं हाथ के स्टार स्पिनर प्रभात जयसूर्या का इस मैदान पर रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है। जयसूर्या ने गॉल स्टेडियम में खेले गए महज 23 टेस्ट मैचों में 115 विकेट अपने नाम किए हैं, जिनमें से 81 विकेट तो सिर्फ एक ही छोर से गेंदबाजी करते हुए आए हैं।
श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर फरवीज महरूफ ने भी कहा कि भारतीय बल्लेबाजों के लिए गॉल में स्पिनर सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे। उन्होंने साफ किया कि प्रभात जयसूर्या श्रीलंका के सबसे मुख्य हथियार होंगे जो भारतीय टीम को परेशानी में डाल सकते हैं।