Harbhajan Singh Praises Virat Kohli: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने विराट कोहली के भारतीय क्रिकेट में योगदान की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि विराट कोहली का सबसे बड़ा योगदान सिर्फ उनके बनाए रन नहीं, बल्कि टीम की सोच, फिटनेस और फील्डिंग के स्तर में आया बदलाव है।
हरभजन के मुताबिक, विराट ने भारतीय खिलाड़ियों को ये विश्वास दिलाया कि बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोशिश करना जरूरी है।
हरभजन सिंह ने विराट कोहली के कप्तानी दौर को याद करते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान विराट ने टीम की सोच में बड़ा बदलाव किया था।
उनके मुताबिक, पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन 400 रन का लक्ष्य देखकर टीम को लगता था कि इसे हासिल करना लगभग नामुमकिन है। लेकिन विराट का नजरिया अलग था। वह कहते थे कि हमें लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश करनी चाहिए।
हरभजन ने कहा कि ये भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे बड़ी देन में से एक थी। उन्होंने कहा कि विराट ने खिलाड़ियों की मानसिकता बदलने में बड़ी भूमिका निभाई और टीम को हर स्थिति में जीत के बारे में सोचने की आदत डाली।
इसके साथ ही हरभजन सिंह ने भारतीय टीम की फिटनेस में आए बदलाव का श्रेय भी विराट कोहली को दिया। उन्होंने कहा कि विराट का फिटनेस को लेकर योगदान शानदार रहा है। हरभजन ने यहां तक कहा कि भारतीय क्रिकेट में फिटनेस का स्तर बढ़ाने का 90 फीसदी क्रेडिट विराट कोहली को दिया जा सकता है।
हरभजन ने कहा कि विराट कोहली का मानना था कि कोशिश करते हुए अगर हार भी मिलती है तो कोई बात नहीं, क्योंकि लगातार कोशिश करने से एक दिन टीम 400 रन का लक्ष्य भी हासिल करना सीख जाएगी।
उनके अनुसार, विराट ने टीम में ये सोच पैदा की कि मैच के आखिरी दिन अगर 10 विकेट लेने की जरूरत है तो टीम जीत के लिए जाएगी और अगर 200 रन बनाने हैं तो रन बनाने की कोशिश करेगी। टीम नकारात्मक क्रिकेट नहीं खेलेगी।
हरभजन सिंह ने भारतीय फील्डिंग में आए बदलाव की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पहले ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग की मिसाल दी जाती थी, क्योंकि वहां के खिलाड़ी कैच लेने और रन रोकने के लिए मैदान पर पूरी ताकत से डाइव लगाते थे। लेकिन अब भारतीय खिलाड़ियों को भी इसी तरह मैदान पर पूरी मेहनत करते देखकर उन्हें गर्व होता है।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय फील्डिंग दुनिया की किसी भी टीम से कम नहीं है। खिलाड़ियों का कैच के लिए डाइव लगाना, रन रोकना और आधे मौकों को रन आउट में बदलना भारतीय क्रिकेट में आए बड़े बदलाव को दिखाता है।