

PT Usha Opposition IOA Election: देश में खेलों को संचालित करने वाली सबसे बड़ी संस्था भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) में चुनावी गहमागहमी तेज हो गई है। भारत वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में मजबूती से शामिल है। इस बोली प्रक्रिया में कोई बाधा न आए, इसके लिए आईओए के चुनाव इसी साल 10 दिसंबर तक कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
इन चुनावों को सही तरीके से कराने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के नियमों के तहत संस्था के संविधान में संशोधन करना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आईओए ने 19 तारीख को अपनी आपातकालीन कार्यकारिणी बैठक बुलाई है।
19 तारीख को होने वाली आपातकालीन बैठक में संविधान में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इसके साथ ही संस्था के चुनाव 10 दिसंबर या उससे पहले कराने की आधिकारिक घोषणा भी की जाएगी।
बैठक के दौरान चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का भी चयन किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर का चयन होते ही आईओए की चुनावी प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
खेल मंत्रालय 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सामने पहले ही अपनी बोली लगा चुका है। आगे की पूरी प्रक्रिया में आईओए की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में यदि चुनावों में देरी होती, तो इससे आईओसी नाराज हो सकती थी।
सूत्रों के मुताबिक, आईओए के कई सदस्य चुनाव को 10 दिसंबर के बाद टालना चाहते थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और ओलंपिक दावेदारी को ध्यान में रखते हुए सीईओ रघुराम अय्यर ने आपातकालीन बैठक का नोटिस जारी कर दिया।
आपातकालीन बैठक का नोटिस जारी होते ही खेल गलियारों में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौजूदा अध्यक्ष पीटी उषा को इस बार चुनाव में कौन चुनौती देगा? वर्ष 2022 में अध्यक्ष बनीं पीटी उषा को अपनी ही कार्यकारिणी से पूरा समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
खेल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में वही व्यक्ति अगला अध्यक्ष बनेगा, जिसे सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त होगा। इसके अलावा, मुख्य चुनाव से पहले एथलीट कमीशन और एसओएम (SOM) का भी नए सिरे से गठन करना होगा।