2026 एशियाई खेल  (सोर्स - AI Image)
खेल

Asian Games 2026: पारंपरिक विलेज की जगह इटैलियन क्रूज कोस्टा सेरेना बना एथलीटों का नया आशियाना

Asian Games 2026 Athletes Village: 2026 एशियाई खेलों में एथलीटों के लिए पारंपरिक विलेज की जगह इटैलियन क्रूज कोस्टा सेरेना में खास फ्लोटिंग आवास की अनोखी व्यवस्था की गई है।

सृष्टि मौर्य

Cruise Ship Asian Games 2026 Accommodation: 2026 एशियाई खेल प्रतियोगिता का 20वां संस्करण जापान के आइची-नागोया में होगा और ये मल्टी-स्पोर्ट इवेंट आधिकारिक तौर पर 19 सितंबर से 4 अक्टूबर, 2026 तक चलेगा। दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए मेजबान क्षेत्र ने ईंट-पत्थर से बनने वाले पारंपरिक एथलीट विलेज के विचार को पूरी तरह से छोड़ दिया है।

सस्टेनेबिलिटी और लागत कम करने की एक साहसिक पहल के तहत, मेजबान शहर ने रहने की एक विकेंद्रीकृत व्यवस्था पेश की है, जिसमें इटली में रजिस्टर्ड क्रूज जहाज 'कोस्टा सेरेना' पर बना तैरता हुआ एथलीट विलेज मुख्य आकर्षण है।

4,600 एथलीटों का बना आवास

नागोया पोर्ट के किंजो पियर पर खड़ा ये 290 मीटर लंबा लग्जरी जहाज लगभग 4,000 से 4,600 एथलीटों और खेल अधिकारियों के लिए मुख्य आवास के रूप में काम करेगा। इस जहाज में 1,507 केबिन हैं, जिनसे खिलाड़ियों को समुद्र के नजारे वाली खास बालकनियां मिलती हैं।

खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन में मदद के लिए जहाज में अत्याधुनिक जिम, कई बड़े डाइनिंग हॉल, खुले में बने मनोरंजन डेक और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। समुद्र के रास्ते अपनाई गई ये व्यवस्था खेल खत्म होने के बाद की एक बड़ी समस्या का समाधान करती है। क्रूज जहाज को चुनकर, आइची-नागोया आयोजन समिति ने ऊंची इमारतें बनाने में आने वाली भारी लागत और लंबे समय तक रहने वाले कार्बन फुटप्रिंट से बचा लिया है।

पर्यावरण के लिए बड़ा कदम

हालांकि, ये जहाज एक बड़ी और मिली-जुली व्यवस्था का सिर्फ एक हिस्सा है। जो एथलीट पानी पर नहीं रहेंगे उन्हें शहर के होटलों और गार्डन पियर पर बने एक अस्थायी विलेज में ठहराया जाएगा। इस दूसरी जगह पर लकड़ी के कंटेनर से बने नए और मॉड्यूलर विला होंगे।

पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से बने इन कंटेनर घरों को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि समापन समारोह के तुरंत बाद इन्हें अलग किया जा सके और भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के समय जापान में कहीं भी मोबाइल इमरजेंसी हाउसिंग यूनिट के तौर पर दोबारा इस्तेमाल किया जा सके।

वैश्विक स्तर पर हुई सराहना

पर्यावरण के अनुकूल इस पहल की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है, लेकिन इसके साथ कुछ अनूठी चुनौतियां भी जुड़ी हैं। भारतीय खिलाड़ियों और अन्य देशों के टीमों को पारंपरिक बड़े कमरों के बजाय केबिन में रहने की आदत डालनी पड़ी है।

आयोजकों को रसद संबंधी कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि कड़ी समुद्री सुरक्षा व्यवस्था, जापान के सात शहरों में स्थित दूरस्थ खेल स्थलों तक शटल बेड़े का संचालन और तटीय मौसम के प्रतिकूल प्रभावों से अस्थायी कंटेनर संरचनाओं की सुरक्षा।

एक क्रांतिकारी मिसाल

इन चुनौतियों के बावजूद, नागोया का तैरता और मॉड्यूलर गांव प्रमुख खेल आयोजनों के लिए एक क्रांतिकारी मिसाल कायम करता है, ये साबित करते हुए कि अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट आधुनिक खिलाड़ियों के आराम का त्याग किए बिना पर्यावरणीय जिम्मेदारी को प्राथमिकता दे सकते हैं।

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